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पटाखे बैन पर सुप्रीम कोर्ट का ब्रेक: दिवाली से पहले टली सुनवाई

Supreme Court: दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध और ग्रीन पटाखों की अनुमति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई टल गई है. अदालत ने कहा कि दिवाली से ठीक पहले जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय पर्यावरण सुरक्षा और व्यावहारिक संतुलन बनाना जरूरी है.

Supreme Court
Edited by Shubhra Rai

 Supreme Court: दिल्ली-एनसीआर में पटाखे जलाने पर लगी रोक के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई को सुप्रीम कोर्ट ने टाल दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार व सीपीसीबी की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट से आग्रह किया कि मामले में सुनवाई को कुछ दिन के लिए टाल दिया जाए. जस्टिस एम. एम सुंदरेश और जस्टिस आलोक पीवी वराले की बेंच ने सुनवाई को टाल दिया है. कोर्ट ने कहा कि दीवाली से ठीक पहले जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहते.

खास तरह के पटाखों के लिए थोड़ी छूट दी जा सकती

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सीपीसीबी से यह पता लगाने को कहा था कि क्या कुछ खास तरह के पटाखों के लिए थोड़ी छूट दी जा सकती है. इससे पहले कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर में ग्रीन पटाखों की बिक्री और फोड़ने की अनुमति दे दिया था. कोर्ट ने कहा था कि हमें संतुलित दृष्टिकोण अपनाना होगा. सीजेआई गवई ने कहा था कि पर्यावरण के साथ समझौता किए बिना संयम के साथ अनुमति देनी होगी. सीजेआई ने 14 अक्टूबर 2024 के आदेश का हवाला दिया था.

18 अक्टूबर से एक्यूआई की निगरानी

जिसमें दिल्ली सरकार ने पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था. जिसे पूरे एनसीआर में लागू कर दिया गया था. कोर्ट ने कहा था नकली पटाखे पाए जाने पर लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा. कोर्ट ने यह भी कहा था कि सीपीसीबी और राज्य पीसीबी 18 अक्टूबर से एक्यूआई की निगरानी करेंगे. कोर्ट ने कहा था-गश्ती दल हरित पटाखा निर्माताओं की नियमित जांच करेगा. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि ग्रीन पटाखों के क्यूआर कोड वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे. कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि बाहरी क्षेत्र से एनसीआर क्षेत्र में पटाखे लाने की अनुमति नहीं होगी.

अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी जा सकती

कोर्ट ने कहा था कि हमने सॉलिसिटर और एमिकस द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार किया है. हमने यह भी देखा है कि उद्योग जगत द्वारा कुछ चिंताएं व्यक्त की गई हैं. पारंपरिक पटाखे तस्करी के माध्यम से लाए जाते हैं, जिससे अधिक नुकसान होता है. हमें एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाना होगा. हरियाणा के 22 जिलों में से 14 जिले एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) के अंतर्गत आते हैं. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि पटाखे जलाने की अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी जा सकती है. जिसमें केवल नीरी-अनुमोदित ग्रीन पटाखे ही बेचे जाने की अनुमति शामिल है.

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-भारत एक्सप्रेस



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