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सुप्रीम कोर्ट ने AIFF को चार सप्ताह के भीतर आम सभा की बैठक आयोजित कर संशोधनों के साथ संविधान को लागू करने का दिया निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के संविधान के मसौदे को अंतिम रूप दे दिया है. कोर्ट ने एआईएफएफ को निर्देश दिया है कि वह चार सप्ताह के भीतर एक आम सभा की बैठक आयोजित करें और कुछ संशोधनों के साथ संविधान को अपनाए.

Edited by Vaibhav Gupta

सुप्रीम कोर्ट ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के संविधान के मसौदे को अंतिम रूप दे दिया है. कोर्ट ने एआईएफएफ को निर्देश दिया है कि वह चार सप्ताह के भीतर एक आम सभा की बैठक आयोजित करें और कुछ संशोधनों के साथ संविधान को अपनाए.

जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह फैसला दिया है.

मसौदे के सभी प्रावधानों की हुई जांच

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि हमने मसौदे के सभी प्रावधानों की जांच की है और लगभग सभी खंडों को मंजूरी दे दी है. साथ ही कोर्ट ने कहा कि हमें पूरी उम्मीद है कि संविधान के लागू होने के बाद यह भारतीय फुटबॉल की एक नई शुरुआत करेगा और इस खेल को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा.

जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि हमें उम्मीद है कि कोर्ट के इस फैसले के बाद फुटबॉल की दुनिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. उन्होंने कहा कि बात सिर्फ खेल की नहीं है, बल्कि देश पर खेल के प्रभाव की है. इसलिए हमने इस बात पर चर्चा की है कि खेल भाईचारे के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है, जो अन्यथा कानून में लागू नही होता.

चुनाव में नियमों का नहीं हुआ पालन

उन्होंने कहा कि वो साधन और तरीके है, जिसे भाईचारे के दूसरे सिद्धांतों को एक साथ लाया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने वर्तमान प्राधिकारियों के चुनाव को अंतिम माना है, क्योंकि उनका कार्यकाल एक वर्ष के लिए शेष रह गया है. इसलिए चुनाव जरूरी है. इसे बीच में समाप्त करने का कोई मतलब नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिया है. वकील राहुल मेहरा की याचिका पर हाई कोर्ट ने 2017 में पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल के तीसरी बार एआईएफएफ अध्यक्ष चुने जाने के फैसले को रद्द कर दिया था.

हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि चुनाव प्रक्रिया में राष्ट्रीय खेल संहिता के नियमों का पालन नहीं किया गया. आचार संहिता में शर्त है कि किसी खेल संघ का कोई पदाधिकारी एक पद पर चार-चार साल के दो कार्यकाल बिताने के बाद चार साल उसी संघ में किसी और पद के लिए चुनाव नहीं लड़ सकता है.

प्रफुल्ल पटेल 2009 में प्रिय रंजन दासमुंशी की जगह एआईएफएफ के अध्यक्ष बने थे. इससे पहले वह उपाध्यक्ष थे.

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-भारत एक्सप्रेस



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