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सुप्रीम कोर्ट ने माना गंभीर मुद्दा, पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा के लिए नोडल एजेंसी की मांग

देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा पर हुए नस्लीय हमले और उनकी मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. शीर्ष अदालत ने मामले का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ता को अटॉर्नी जनरल (AG) के समक्ष ज्ञापन देने का निर्देश दिया है.

Angel Chakma Case Tripura Student Death Uttarakhand
Edited by Vaibhav Gupta

Angel Chakma Case: उत्तराखंड के देहरादून में त्रिपुरा के छात्र पर हुए हमले के बाद हुई मौत के मामले में दायर जनहित याचिका का सुप्रीम कोर्ट ने निपटारा कर दिया है. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि जनहित याचिका में उठाए गए सवाल काफी अहम है, लिहाजा संबंधित ऑथोरिटी के पास ज्ञापन दे.

न्यायिक जांच की मांग

कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कहा कि अटॉर्नी जनरल के समक्ष ज्ञापन देने को कहा है, और एजी इसको सरकार को भेजेंगे. दाखिल जनहित याचिका में पूर्वोत्तर राज्यों के खिलाफ नस्लीय हिंसा से निपटने में संवैधानिक विफलता की न्यायिक जांच की मांग की गई थी.

बता दें कि दाखिल जनहित याचिका में कहा गया था कि यह मामला भारत के संवैधानिक अधिकारों के अनुच्छेद 14, अनुच्छेद 19 (1)(A) व (G) और अनुच्छेद 21 का उल्लंघन बताया था. याचिका में कहा गया था कि एंजेल चकमा ने हमले के समय सवाल पूछते हुए कहा था कि हम भारतीय है इसके लिए हमें कौन सा सर्टिफिकेट दिखाना होगा.

कानून न बनने तक व्यापक निर्देश

याचिकाकर्ता के वकील अनूप अवस्थी ने कोर्ट से आग्रह किया था कि केंद्र और सभी राज्यों को इस मामले में जरूरी दिशा निर्देश जारी करें. उन्होंने यह भी कहा था कि जबतक नस्लीय अपमान को रोकने के लिए कानून नहीं बन जाता है, तब तक सुप्रीम कोर्ट व्यापक दिशा निर्देश जारी करें. साथ ही नोडल एजेंसी बनाने की भी मांग की गई थी.

वहीं, इस घटना के बाद एंजेल चकमा के परिजनों ने दोषियों को फांसी की सजा या कम से कम आजीवन कारावास की सजा की मांग की है. एंजेल चकमा की 27 दिसंबर को देहरादून के सेलाकुई इलाके में नस्लीय हमले में लगी गंभीर चोटों के कारण मौत हो गई थी.

घटना के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर दुख जताते हुए एंजेल के पिता तरुण प्रसाद चकमा को न्याय का भरोसा दिलाया है. पुलिस ने अब तक5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जबकि एक नेपाल मूल का आरोपी फरार है, जिस पर इनाम घोषित किया गया है.

ये भी पढ़ें: आई पैक मामले में दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 18 मार्च को सुनवाई करेगा।

-भारत एक्सप्रेस



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