सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार के दो पूर्व विधायकों के खिलाफ अभियोजन वापसी से संबंधित मामले में राजस्थान सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस जे के महेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ ने राजस्थान सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा से पूछा कि क्या सरकार अब भी अभियोजन वापसी के अपने निर्णय को आगे बढ़ाना चाहती है?
राज्य सरकार 2021 में दायर आदेश पर कायम
कोर्ट ने यह साफ करने को कहा है कि क्या राज्य सरकार अब भी वर्ष 2021 में दायर उस आदेश पर कायम है, जिसमें तत्कालीन भोपालगढ़ विधायक पुखराज गर्ग और तत्कालीन मेड़ता विधायक इंदिरा बावरी के खिलाफ अभियोजन वापसी का आदेश मांगा गया था.
मामला 25 अगस्त 2019 का है
बता दें कि यह मामला 25 अगस्त 2019 की है. राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान भीड़ ने कथित तौर पर स्थानीय नेताओं के उकसावे पर, प्रशासन और पुलिस टीम पर हमला कर दिया था. जिस दौरान जेसीबी चालक फारूक खान गंभीर रूप से घायल हुआ था और बाद में उसकी मौत हो गई थी. दोनों विधायकों समेत कई लोगों के खिलाफ दंगा, आपराधिक षड्यंत्र और हत्या जैसे गंभीर आरोप दर्ज किए गए थे.
अदालत में चार्जशीट हुई थी दाखिल
मामले की जांच के दौरान सीआईडी-सीबी ने नागौर जिले के मेड़ता विधायक इंदिरा बावरी, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और जोधपुर जिले के भोपालगढ़ विधायक पुखराज गर्ग सहित 24 अन्य लोगों के खिलाफ जुर्म प्रमाणित माना था और अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी.
विधायकों पर धारा 109, 111, 112, 114, 117, 143, 147, 149, 152, 332, 353 आईपीसी और 3 पीडीपीसी के तहत मामला दर्ज था.
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-भारत एक्सप्रेस
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