National Green Tribunal-NGT
सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) से कहा है कि वह सीमाओं से बाहर जाकर कार्य नहीं कर सकता है. सीजीएआई बी आर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि एनजीटी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत जांच शुरू करने का निर्देश देने का अधिकार नहीं है.
एनजीटी द्वारा ईडी जांच के दिए गए आदेश
कोर्ट ने एनजीटी द्वारा ईडी जांच के दिए गए आदेश को रद्द कर दिया है. कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा कि पीएमएलए की धारा 3 केवल तभी लागू होगी जब किसी अनुसूचित अपराध से जुड़ी संपत्ति का अवैध लाभ हो.
कोर्ट ने आगे कहा इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, इसलिए एनजीटी का निर्देश सही नहीं है. जस्टिस विनोद चंद्रन ने कहा कि न्यायिक विचार ही किसी निर्णय का सार है. केवल पन्नों की संख्या बढ़ाने से न्यायिक विवेक नहीं बढ़ता. सामान्य कानून को बार-बार दोहराना और अनावश्यक उद्वरण देना व्यर्थ का अभ्यास है.
कार्रवाई करने का अधिकार पीसीबी के पास
सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी के उस आदेश को रद्द और कहा कि यदि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की शर्तों या वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है, तो कार्रवाई करने का अधिकार पीसीबी के पास है, लेकिन केवल अनुमान के आधार पर किसी इकाई को बंद करना न्यायसंगत नहीं.
सुप्रीम कोर्ट ने पहले एक मामले में फैसला देते हुए स्पष्ट कर दिया था कि पर्यावरण प्रदूषण के लिए लगाए जाने वाले जुर्माने का कंपनी के टर्नओवर से कोई लेना-देना नहीं है. कोर्ट ने Benzo Chem Industrial (P) LTD का हवाला देते हुए यह फैसला दिया था. एनजीटी ने इस मामले में एक कंपनी पर उसके 550 करोड़ रुपये के टर्नओवर के आधार पर 50 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था.
अदालत ने इस पद्धति को कानून के किसी सिद्धांत से मेल न खाने वाला करार देते हुए जुर्माना रद्द कर दिया.
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-भारत एक्सप्रेस
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