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शशि थरूर डीपफेक मामला: दिल्ली हाई कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को जारी किया नोटिस

Delhi High Court: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक के बढ़ते खतरों के बीच, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपनी छवि और प्रतिष्ठा की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.

Delhi high court
Edited by Shubhra Rai

दिल्ली हाई कोर्ट ने शशि थरूर के फर्जी डीपफेक वीडियो हटाने का आदेश देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है. वकील अमित सिब्बल ने दलील दी कि एक लिंक डिलीट होने पर वीडियो नए यूआरएल पर फिर दिख जाता है, जिससे सांसद की छवि और देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है.

अदालत अब थरूर के व्यक्तित्व अधिकारों (Personality Rights) की रक्षा और अंतरिम राहत की मांग पर अपना विस्तृत आदेश जारी करेगी.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और अन्य से जवाब मांगा

दिल्ली हाई कोर्ट ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर की ओर से व्यक्तित्व सुरक्षा की मांग को लेकर दायर याचिका पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है. दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि वह अंतरिम राहत की मांग पर आदेश जारी करेगा.

दिल्ली हाई कोर्ट ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर के उन डीपफेक वीडियो को ब्लॉक करने का भी आदेश दिया है. जिनमें उन्हें कथित तौर पर पाकिस्तानी विदेशी नीति की प्रशंसा करते हुए दिखाया गया है.

लिंक अनधिकृत हैं और इन्हें हटा दिया गया

हाई कोर्ट ने कहा कि कंटेंट को ब्लॉक करने और उनके व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के लिए आदेश जारी किए जाएंगे. मामले की सुनवाई के दौरान शशि थरूर की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अमित सिब्बल से पूछा कि अंतरिम अर्जी में क्या राहत की मांग की गई है? इसपर सिब्बल ने कहा कि मैंने लिंक दे दिए है. उन्होंने सचिव (MEITVI) को लिखा एक पत्र को कोर्ट को दिखाया.

उनका कहना है कि सोशल मीडिया मध्यस्थों द्वारा कुछ चिन्हित लिंक हटा दिए गए हैं. सिब्बल ने आगे कहा कि अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि ये लिंक अनधिकृत हैं और इन्हें हटा दिया गया है.

डीपफेक विडियो की तरह इशारा करते हुए कहा

समस्या यह है कि हटाए जाने के बाद ये अलग-अलग यूआरएल पर फिर से दिखाई देते हैं, जैसा कि मैंने कहा कि रावण के दस सिर. सिब्बल ने एक्स और इंस्टाग्राम पर मौजूद कुछ डीपफेक विडियो की तरह इशारा करते हुए यह बात कही है. यह वही डीपफेक वीडियो है लेकिन अलग-अलग यूआरएल पर दिखाई दे रहा है. उन्होंने मेरी छवि का दुरुपयोग किया है और दूसरे देश की प्रशंसा करते हुए ये वीडियो बनाए हैं, जिससे मेरी छवि खराब हुई है.

कई अन्य अदालत का रुख कर चुके

सिब्बल ने कहा मैं विदेश मंत्री रह चुका हूं. यह भारत की प्रतिष्ठा के लिए भी मायने रखता है. दरअसल यह मामला न केवल उनके व्यक्तिगत अधिकारों से जुड़ा हैं, बल्कि डिजिटल युग में हर आदमी खासकर सार्वजनिक हस्तियों की पहचान और प्रतिष्ठा की सुरक्षा के व्यापक सवाल भी उठाता है.

बता दें कि इससे पहले अर्जुन कपूर, अल्लू अर्जुन, गौतम गंभीर फिल्म अभिनेत्री काजोल, विवेक ओबेरॉय, बाबा रामदेव, सलमान खान, अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन, आराध्या बच्चन, जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर, अजय देवगन, करण जौहर, रजनीकांत, गायिका आशा भोसले, अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, सिंगर कुमार, विराट कोहली सहित कई अन्य अदालत का रुख कर चुके है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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