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सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान एसआई परीक्षा 2025 को लेकर दिए गए अपने पूर्व के फैसले में किया संशोधन

Supreme Court Rajasthan SI Exam: सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान एसआई परीक्षा 2025 को लेकर दिए गए अपने पूर्व के फैसले में संशोधन कर दिया है. कोर्ट ने ओवरएज अभ्यर्थियों को लेकर दिए गए फैसले में संशोधन कर दिया है.

Supreme Court Rajasthan SI exam

Supreme Court Rajasthan SI exam

Supreme Court Rajasthan SI Exam: सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान एसआई परीक्षा 2025 को लेकर दिए गए अपने पूर्व के फैसले में संशोधन कर दिया है. कोर्ट ने ओवरएज अभ्यर्थियों को लेकर दिए गए फैसले में संशोधन कर दिया है.
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की अवकाशकालीन पीठ ने स्पष्ट किया कि परीक्षा में शामिल होने की अनुमति केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को मिलेगी, जिनका मामला जयपुर हाई कोर्ट में लंबित है. ऐसे कुल 713 अभ्यर्थी है, जिनकी याचिकाएं राजस्थान में विचाराधीन है.

सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि आरपीएससी की संशोधन अर्जी को स्वीकार करते हुए साफ किया कि परीक्षा में शामिल होने का लाभ सभी समान रूप से स्थित ओवरएज अभ्यर्थियों को नहीं दिया जाएगा. जैसा कि सुप्रीम कोर्ट के कल के.आदेश की व्यापक व्याख्या से प्रतीत हो रहा था.
आरपीएससी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने पहले ही लगभग 713 ऐसे ओवरएज अभ्यर्थियों को, जो हाई कोर्ट में याचिकाकर्ता थे और सूरज मल मीणा की श्रेणी में आते हैं परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति दे दी है.

5 और 6 अप्रैल को परीक्षा निर्धारित

यह परीक्षा 5 और 6 अप्रैल को निर्धारित है. इससे पहले कोर्ट ने निर्देश दिया था कि ऐसे अभ्यर्थियों के परिणाम घोषित नही किया जाएगा. उसे सीलबंद लिफाफे में सुरक्षित रखा जाएगा. उनकी भागीदारी पूर्णतः अस्थायी होगी और आगे के आदेशों के अधीन रहेगी.

कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि इससे उनके पक्ष में कोई समानता उत्पन्न नही होगी. यह राहत केवल उन्हीं अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं है, जिन्होंने याचिका लगाई है, बल्कि उन्हीं के.समान स्थिति वाले अन्य अभ्यर्थी भी इसका लाभ ले सकेंगे.

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सूरजमल मीणा की याचिका पर सुनाया फैसला

सूरजमल मीणा की ओर से दायर याचिका पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक हाई कोर्ट को आयु सीमा में छूट से जुड़ी अपीलों पर 31 मार्च तक फैसला देना था. लेकिन हाई कोर्ट ने अभी तक इस मामले में फैसला नही दिया है.

राजस्थान सरकार की ओर से पेश एडिशनल एडवोकेट जनरल शिव मंगल शर्मा ने परीक्षा स्थगित करने का कड़ा विरोध किया था. उन्होंने कोर्ट को बताया था कि परीक्षा की सभी प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई है. हजारों अभ्यार्थी इस परीक्षा में शामिल होने वाले है. ऐसे में अगर परीक्षा को टाला गया तो अव्यवस्था फैल जाएगी.

-भारत एक्सप्रेस



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