दिल्ली हाई कोर्ट ने एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा की व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें निर्देश दिया है कि वे गोपनीय दस्तावेजों से संबंधित रिकॉर्ड सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष पेश करें. यह आदेश जस्टिस ज्योति सिंह की सिंगल बेंच ने दिया है.
पोर्नोग्राफिक कंटेंट को हटाया जाए
अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले में अंतरिम आदेश पारित किया जाएगा. साथ ही अगली सुनवाई की तारीख 6 जुलाई निर्धारित की गई है. अपनी याचिका में सोनाक्षी सिन्हा ने कुछ यूआरएल और चैटबॉक्स को हटाने की मांग की है, जिनमें उनकी तस्वीरों और आवाज का कथित रूप से दुरुपयोग किया गया है. उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि अलग-अलग डिफेंडेंट द्वारा पब्लिश किए गए पोर्नोग्राफिक और अश्लील कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया जाए.
अभिनेत्री काजोल की याचिका पर क्या हुआ?
इससे पहले हाई कोर्ट अभिनेत्री काजोल की याचिका पर भी कृत्रिम आवाज क्लोनिंग, मॉर्फ्ड विजुअल्स और अनधिकृत डिजिटल कंटेंट से जुड़े मामलों पर विचार कर चुका है. अदालत ने ऐसे मामलों को गंभीर मानते हुए कहा था कि इस तरह की गतिविधियां न केवल किसी व्यक्ति के पब्लिसिटी राइट्स का उल्लंघन करती हैं, बल्कि उसकी गरिमा और निजता पर भी आघात करती हैं.
हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि व्यंग्य, कलात्मक अभिव्यक्ति, समाचार रिपोर्टिंग और टिप्पणी जैसे संवैधानिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों को प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए.
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कई हस्तियां अदालत पहुंच चुकी
गौरतलब है कि इससे पहले भी कई नामी हस्तियां अपने व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के लिए अदालत का रुख कर चुकी हैं, जिनमें भारतीय क्रिकेट कोच गौतम गंभीर, फिल्म अभिनेत्री काजोल देवगन, विवेक ओबेरॉय, बाबा रामदेव, सलमान खान, अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन, आराध्या बच्चन, जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर, अजय देवगन, करण जौहर, रजनीकांत, गायिका आशा भोसले, अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, सिंगर कुमार, विराट कोहली सहित कई अन्य अदालत का रुख कर चुके है.
-भारत एक्सप्रेस
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