जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर में बढ़ते गैंगर्स्टर्स पर चिंता जाहिर की है. मामले की सुनवाई के दौरान गवाहों की सुरक्षा को लेकर कोर्ट ने चिंता जाहिर की है. जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में दिल्ली के भौगोलिक क्षेत्र से बाहर जाकर देखिए कि फरीदाबाद, गुड़गांव आदि में क्या हो रहा है. आम आदमी को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया था, जिसने पानीपत में एक हत्या की थी.
कोर्ट ने उठाए सवाल
कोर्ट ने कहा कि आम आदमी की नजर में कानून का डर कम हुआ है. साथ ही कोर्ट ने पुलिस को गैंगर्स्टर्स से बेवजह सहानुभूति रखने की बात कही है. कोर्ट ने कहा कि गैंगेस्टर्स से समाज को छुटकारा मिलना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि दिल्ली के बाहर फरीदाबाद, गुड़गांव जैसे इलाकों में क्या हो रहा है. कोर्ट ने पुलिस कहा कि गवाह आपकी आंख और कान है, आप उनकी सुरक्षा को लेकर क्या कर रहे है. कोर्ट ने स्पीडी ट्रायल के लिए विशेष अदालत के गठन पर जोर दिया है.
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट महेश खत्री उर्फ भोली की ओर से दायर जमानत पर सुनवाई कर रहा है. खत्री पर पिछले दिनों पुलिस टीम पर फायरिंग करने का आरोप है. उसी की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने गैंगेस्टर्स और गवाहों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की. कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार को भी पक्षकार बनाया गया है. कोर्ट चार सप्ताह बाद मामले में अगली सुनवाई करेगा.
विशेष अदालत की सिफारिश
जस्टिस सूर्यकांत ने आन्ध्र प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि एनआईए के एक मामले में कोर्ट ने चिंता व्यक्त की थी. जहां विशेष मामलों के लिए अलग अदालतें और आवश्यक ढांचा तैयार किया गया. जिससे मुकदमे का जल्द निपटारा हो पाया.
वही जस्टिस बागची ने कहा कि हर ट्रायल में देरी की जाती है ताकि गवाहों को प्रभावित किया जा सके यह उनका रणनीतिक खेल है.
ये भी पढ़े: राहत पर कंफ्यूजन! बढ़ी डेट पर मिली ITR भरने की 3-3 अंतिम तारीख, समझें आखिर क्या है पचड़ा?
भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

