Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से लगा बड़ा झटका

सुप्रीम कोर्ट ने शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की याचिका को खारिज कर दिया है. मजीठिया ने आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह के खिलाफ दर्ज 2016 के मानहानि मामले में अतिरिक्त गवाहों को बुलाने की अनुमति मांगी थी.

SUPREME COURT

सुप्रीम कोर्ट से शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को झटका लगा है. जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस अतुल एस. चंदूरकर की पीठ ने सभी पक्षों की जिरह के बाद मजीठिया की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया है. जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा ने कहा कि दोनों अदालतों ने मामले को खारिज करने से पहले याचिकाकर्ता के तर्कों पर विचार किया था. दायर याचिका में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के खिलाफ मानहानि के मामले में और गवाहों को बुलाने की मांग की गई थी.

मजीठिया और प्रतिवादी के वकीलों में बहस

मामले की सुनवाई के दौरान मजीठिया के वकील ने कहा कि हाई कोर्ट ने बिना किसी स्वतंत्र तर्क के केवल ट्रायल कोर्ट के नजरिए को ही सही ठहराया था. साथ ही सीआरपीसी (CrPC) की धारा 311 को पूरी तरह से गलत समझा गया था. वकील ने प्रतिवादी के बाद के बयान को भी रिकॉर्ड पर लाने की मांग की, क्योंकि उन्हें डर था कि बाद में उस पर विचार नहीं किया जाएगा. वहीं प्रतिवादी की ओर से पेश वकील डी. एस. सोबती ने कहा कि वह सामग्री पहले से ही रिकॉर्ड का हिस्सा थी.

मजीठिया ने किया था सुप्रीम कोर्ट का रुख

दरअसल मजीठिया ने पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि वो इस मामले में कुछ और सबूत अदालत के समक्ष रखना चाहते हैं, लिहाजा इसकी अनुमति दी जाए, लेकिन कोर्ट ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था. जिसके बाद मजीठिया ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. बता दें कि अकाली दल नेता बिक्रम मजीठिया ने साल 2016 में संजय सिंह के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज करवाया था. साल 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले, वर्ष 2016 में मोगा में एक रैली के दौरान शिरोमणि अकाली दल के नेताओं को संजय सिंह ने नशा तस्कर बता दिया था, जिसको लेकर यह मानहानि का मामला दर्ज करवाया गया था.

ये भी पढ़ें: करोड़पति बुजुर्ग के घर डकैती डालने वाली नौकरानी की भाभी को मिली जमानत, साकेत कोर्ट ने लगाई ये शर्तें

राजनीति में गरमाया रहा है ड्रग्स का मुद्दा

साल 2016 में ही संजय सिंह पर आरोप तय किए गए थे, जिसके बाद बिक्रम सिंह मजीठिया को अपने गवाह पेश करने के लिए कहा गया था. पंजाब की राजनीति में नशा तस्करी और बिक्री का मुद्दा पिछले दो विधानसभा चुनावों से सरगर्म है. इसे लेकर नेताओं का एक-दूसरे पर आरोप लगाने का दौर भी चलता रहता है. इसी को लेकर वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान बिक्रम मजीठिया को ड्रग्स केस में पटियाला जेल भेज दिया गया था. हालांकि सुप्रीम कोर्ट में उनके खिलाफ लगे आरोप टिक नहीं सके. बिक्रम मजीठिया लगातार यह दावा कर चुके हैं कि उन्हें एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital