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मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार आरोपी अमोल चंद्र दास उर्फ सुजीब को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार अमोल चंद्र दास उर्फ सुजीब को सशर्त जमानत दे दी है.

SUPREME COURT

सुप्रीम कोर्ट से मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार आरोपी अमोल चंद्र दास उर्फ सुजीब को जमानत मिल गई है. सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कुछ शर्तों के साथ जमानत दिया है. कोर्ट ने कहा कि आरोपी को मुकदमे के दौरान अपने रहने का पता स्थानीय पुलिस और एनआईए को बताना होगा, जिसकी जांच एजेंसी पुष्टि कर सकेगी. उसे हर शनिवार सुबह 11 से 12 बजे के बीच एनआईए कार्यालय में हाजिरी लगानी होगी, जब तक कि एजेंसी का वरिष्ठ अधिकारी उसे छूट न दे. साथ ही उसे जांच में सहयोग करने को कहा है. कोर्ट ने पासपोर्ट सरेंडर करने का आदेश दिया है.

जमानत पर सुनवाई के दौरान पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस.डी. संजय ने अमोल चंद्र दास उर्फ सुजीब के जमानत का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि भले ही इस मामले के अन्य आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, लेकिन याचिकाकर्ता एक ऐसे गिरोह का हिस्सा है जो फर्जी दस्तवेज़ों के जरिए बांग्लादेशी नागरिकों की भारत में अवैध घुसपैठ कराने में शामिल है.

NIA ने बेंगलुरु से आरोपी को 2023 में किया था गिरफ्तार

उन्होंने कहा कि आरोपी नवंबर 2023 में एनआईए द्वारा बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया था, जहां वह पिछले 10 वर्षों से कथित तौर पर फर्जी पासपोर्ट में सहारे रह रहा था. सरकार की ओर से दलील दी गई कि ट्रांस नेशनल मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध में शामिल होने का कारण उसे जमानत नही मिलनी चाहिए. सुजीब ने कर्नाटक हाई कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

अदालत ने माना कि आरोपी की स्थिति अन्य सह आरोपियों से अलग है. क्योंकि उसका स्थायी पता नहीं है, लेकिन लंबी हिरासत को देखते हुए उसे जमानत दी जा सकती है.

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-भारत एक्सप्रेस



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