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सुप्रीम कोर्ट ने महिला एडीजे का चाइल्ड केयर लीव नामंजूर करने पर झारखंड हाईकोर्ट से 1 हफ्ते में मांगा जवाब

Judge’s Child Care Leave Plea: झारखंड की एक महिला जज ने चाइल्ड केयर लीव न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. कोर्ट ने नोटिस जारी किया. सुनवाई अगले सप्ताह होगी.

Supreme Court
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

रांची: झारखंड की एक महिला एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज (एडीजे) द्वारा चाइल्ड केयर लीव न मिलने के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 29 मई 2025 को सुनवाई की. कोर्ट ने झारखंड सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

याचिकाकर्ता ने झारखंड हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उनकी चाइल्ड केयर लीव को अस्वीकार कर दिया गया था.

सीजेआई बी.आर. गवई और जस्टिस एजी मसीह की बेंच के समक्ष याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि जज एकल—अनुसूचित जाति से आने वाली एकल माता हैं और उन्होंने 4000 से अधिक मामलों का निपटारा किया है. वकील ने कहा कि उनका तबादला हो गया था, जिसके चलते उन्होंने 10 जून से दिसंबर तक छुट्टी मांगी थी, लेकिन इसे रद्द कर दिया गया.

सीजेआई ने पूछा कि क्या वह विधवा हैं, जिसका वकील ने नकारात्मक जवाब दिया. कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि वह पहले हाई कोर्ट क्यों नहीं गईं. वकील ने बताया कि हाई कोर्ट में छुट्टियां चल रही हैं और वेकेशन बेंच इसे तत्काल नहीं सुन सकती. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह के लिए निर्धारित की है.

यह मामला एकल माता-पिता के अधिकारों और चाइल्ड केयर लीव की नीतियों पर महत्वपूर्ण चर्चा को जन्म दे सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो समाज के कमजोर वर्गों से आते हैं.



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