सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय भर्ती परीक्षाओं पारदर्शी बनाने और सुव्यवस्थित करने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार और एसएससी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.
जस्टिस पी. एस नरसिम्हा और जस्टिस ए. एस चंदुरकर की पीठ ने यह नोटिस जारी किया है.
टीसीएस कराती है परीक्षाओं का संचालन
दायर याचिका में कहा गया है कि एसएससी केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में राजपत्रित और अराजपत्रित पदों के लिए राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं आयोजित करता है. कई वर्षों से इन परीक्षाओं का संचालन टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) करती है और आयोजित प्रक्रिया को उम्मीदवारों ने अपेक्षाकृत पारदर्शी व निष्पक्ष माना है.
एडुक्विटी पर खराब ट्रैक रिकॉर्ड के आरोप
लेकिन हाल ही में एसएससी ने अचानक अपनी कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के लिए एडुक्विटी नामक निजी कंपनी को जिम्मेदारी दी दी है. जबकि इस पर पहले से ही कुप्रबंधन और खराब ट्रैक रिकॉर्ड के आरोप रहे हैं, फिर भी एसएससी ने उसे परीक्षा का संचालन सौंपा. याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा है कि एसएससी द्वारा एडुक्विटी के माध्यम से आयोजित की गई SSC Selection post/Phase XIII परीक्षा 2025 में गंभीर खामियां सामने आई है.
युवा परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर आक्रोशित
बता दें कि लाखों युवा एसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर आक्रोशित हैं. इसको लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था, तकनीकी खराबी और प्रशासनिक लापरवाही से उनकी मेहनत और भविष्य दोनों खतरे में पड़ गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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