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सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में OBC आरक्षण पर लगाई रोक, कहा- 50% से अधिक आरक्षण नहीं होगा

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र को निर्देश दिया है कि स्थानीय निकाय चुनावों में 50 फीसदी से अधिक आरक्षण नही होनी चाहिए. कोर्ट ओबीसी आरक्षण को लेकर दायर याचिका पर 19 नवंबर को विस्तृत सुनवाई करेगा. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह आदेश दिया है.

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा कि आरक्षण 50 फीसदी से अधिक क्यों होना चाहिए. इससे पहले कोर्ट ने स्थानीय निकाय चुनाव 31 जनवरी 2026 तक कराने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने महाराष्ट्र के अधिकारियों को इस साल 10 अक्टूबर तक राज्य में परिसीमन प्रक्रिया पूरी करने का भी निर्देश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि 6 मई को दिए गए आदेश का पालन करने में राज्य चुनाव आयोग विफल रहा है.

कोर्ट ने कहा था कि पांच साल में स्थानीय निकाय के चुनाव करवाना संवैधानिक कर्तव्य है. 2486 स्थानीय निकायों के चुनाव लंबे समय से लंबित है और कोई भी चुना हुआ प्रतिनिधि नहीं है. क्या यह कानून और नियमों का उल्लंघन नही है.

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में OBC आरक्षण पर लगाई रोक

महाराष्ट्र में स्थानीय चुनाव में ओबीसी आरक्षण को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया था. कोर्ट ने चार माह में चुनाव सम्पन्न कराने का आदेश दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि ओबीसी समुदायों को आरक्षण उसी कानून के अनुसार दिया जाएगा, जैसा कि आयोग की 2022 की रिपोर्ट से पहले महाराष्ट्र में था. कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि उचित मामलों में विस्तार की मांग की जा सकती है. कोर्ट ने कहा था कि जमीनी स्तर की लोकतंत्र को रोका नहीं जा सकता है. मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि रेलगाड़ी के डिब्बे की तरह आरक्षण हो गया है, जो इसमें चढ़ गए हैं, वे दूसरों को आने नहीं देना चाहते है.

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि क्यों कुछ ही वर्ग के लोगों को आरक्षण मिलना चाहिए? बाकी लोगों को आरक्षण क्यों नहीं मिलना चाहिए, जो सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से पिछड़े हैं. यह राज्यों की जिम्मेदारी है कि इस पर विचार करें.

ये भी पढ़ें- सुप्रीम कोर्ट राजस्थान की जोजरी नदी में प्रदूषण से जुड़े मामले में लिए गए स्वतः संज्ञान पर 21 नवंबर को करेगा सुनवाई

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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