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अब फुटपाथ पर कब्जा पड़ेगा भारी! सुप्रीम कोर्ट बोला- पैदल चलना आपका मौलिक अधिकार है

Supreme Court Notice: फुटपाथ पर चलना लोगों का मौलिक अधिकार है… सुप्रीम कोर्ट ने पैदल यात्रियों की सुरक्षा और अतिक्रमण पर केंद्र व सभी राज्य सरकारों को नोटिस भेजकर सख्त जवाब मांगा है.

Supreme Court
Edited by Shubhra Rai

Supreme Court Notice: सुप्रीम कोर्ट ने फुटपाथ को लेकर एक फिर चिंता व्यक्त किया है. कोर्ट ने कहा कि फुटपाथ लोगों की जिंदगी का एक अहम हिस्सा है. कोर्ट ने केंद्र सरकार सहित देश के सभी राज्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की बेंच ने दायर याचिका पर यह नोटिस जारी किया है.

कोर्ट के निर्देशों के पालन पर जवाब मांगा

कोर्ट ने यह नोटिस फुटपाथ पर पैदल चलने वालों के लिए सही ढंग से कब्जे-मुक्त जगह बनाने को लेकर कोर्ट के निर्देशों के पालन पर जवाब मांगा है. मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएम नटराजन ने कहा कि पहला कदम पैदल चलने वालों के लिए जगह को सही ढंग से चिंहित करना है. लोगों को पैदल चलने में सुरक्षा का भरोसा होना चाहिए. जहां भी सड़क हो, लोगों को चिन्हित जगह पर चलना चाहिए.

कानूनी ढांचा बनाए जाने की जरूरत

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि फुटपाथ पर चलना मौलिक अधिकार है और इसकी रक्षा के लिए नियामक बनाया जाए. कोर्ट ने इस मामले में स्थानीय प्रशासन से परिवहन मंत्रालय तक को पक्षकार बनाने को कहा था. मामले में कोर्ट ने विधि आयोग को भी शामिल करने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि सड़कों पर मोटर गाड़ियों की आवाजाही से ज्यादा अहमियत इस अधिकार को दी जानी चाहिए. कोर्ट ने कहा था कि इस अधिकार को केवल घोषित करने के लिए ही नहीं, बल्कि इसके उल्लंघन पर पीड़ितों को मुआवजा और अन्य राहत देने के लिए कानूनी ढांचा बनाए जाने की जरूरत है.

कोर्ट ने कहा था कि चलने का अधिकार संविधान के भाग 3 के तहत मौलिक अधिकार है. यह अनुच्छेद 19 (1)(d) द्वारा दिए गए घूमने-फिरने के अधिकार का हिस्सा है. साथ ही यह अनुच्छेद 19(1) (a), अनुच्छेद 19 (1) (b), अनुच्छेद 19 (1)(c) और अनुच्छेद 21 से जुड़ा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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