सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाली कंपनियों को सार्वजनिक निर्माण कार्यों के ठेके दिए जाने की सीबीआई जांच का आदेश दिया है. जस्टिस विक्रमनाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने यह फैसला दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को प्रारंभिक जांच का आदेश दिया है. दायर याचिका में रिश्तेदारों को मिले ठेकों की एसआईटी जांच की मांग की गई थी.
कोर्ट की सख्त टिप्पणी: मंत्रालयों की सीधी रिपोर्ट चाहिए
इससे पहले कोर्ट ने कहा था कि उन्हें यह जानना जरूरी है कि किन कंपनियों को ठेके दिए गए, टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई या नहीं और इनके पीछे कौन लोग हैं. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याद दिलाया था कि मार्च 2025 में ही केंद्र सरकार, खासतौर पर गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय को विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया गया था. कोर्ट ने कहा था कि सीएजी रिपोर्ट पर्याप्त नहीं है. हमें मंत्रालयों की सीधी रिपोर्ट चाहिए. मामला साफ होना चाहिए कि किन्हें ठेके दिए गए और प्रक्रिया क्या अपनाई गई.
प्रशांत भूषण का आरोप
सुप्रीम कोर्ट खांडू के रिश्तेदारों के स्वामित्व वाली कंपनियों को सार्वजनिक अनुबंधों के कथित अनियमित आवंटन की सीबीआई या एसआईटी से जांच कराने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था. पिछली सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने कहा था कि हालात चौंकाने वाले हैं. राज्य को एक प्राइवेट कंपनी की तरह चलाया जा रहा है. सभी ठेके उनकी पत्नी की कंपनी, उनके चचेरे भाई की कंपनी आदि को दिए गए हैं.
राज्य सरकार और सीएजी रिपोर्ट का बचाव
वहीं अरुणाचल प्रदेश सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा था कि याचिका प्रक्रिया का दुरुपयोग मात्र है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सीएजी जांच का आदेश दिया था. सीएजी ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दी है. सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अरुणाचल प्रदेश वह सब कुछ कर रहा है जो कर सकता है, और यह कानून के तहत है. यह भी कहा गया कि यह याचिका राजनीति से प्रेरित है. याचिकाकर्ता कुछ लोगों का समूह है, जो राज्य में विकास नहीं चाहते हैं.
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सैकड़ों करोड़ के 70 अनुबंध
भूषण ने कहा था कि यह सैकड़ों करोड़ का मामला है. कोर्ट ने भूषण से पूछा था कि कितने अनुबंध हैं, जिसपर भूषण ने कहा था कि पत्नी की कंपनियों को सैकड़ों करोड़ के 70 अनुबंध हैं. पेमा खांडू के करीबी सहयोगियों को चाबी निविदाएं (Key tenders) देने में कथित पक्षपात किया गया, जिसमें खांडू की पत्नी से संबंधित निर्माण कंपनी ‘मेसर्स ब्रांड ईगल्स’ भी शामिल है. इसके अलावा पेमा के भतीजे श्री त्सेरिंग ताशी, जो तवांग जिले के विधायक हैं और ‘मैसर्स एलायंस ट्रेडिंग कंपनी’ के मालिक हैं, को उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना कार्य संविदा प्रदान की गई है.
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