प्रतीकात्मक तस्वीर.
NEET Student Death: सुप्रीम कोर्ट ने विशाखापत्तनम में नीट के अभ्यार्थी की मौत की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौप दिया है. कोर्ट ने स्थानीय पुलिस और संस्थागत अधिकारियों की गंभीर चूक सामने आने के बाद मामले को सीबीआई को सौंपा है. जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने यह आदेश दिया है. साथ ही कोर्ट ने कॉलेज और कोचिंग सेंटरों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए दिशा निर्देश जारी किया है. देश में छात्रों द्वारा लगातार किए जा रहे आत्महत्याओं के मुद्दे पर विचार करते हुए यह दिशा निर्देश जारी किया है.
कोर्ट ने सभी राज्यों को कोचिंग सेंटरों के पंजीकरण, छात्र सुरक्षा मानदंड और शिकायत निवारण तंत्र अनिवार्य करने वाले नियम अधिसूचित करने के लिए दो माह का समय दिया है. इन नियमों में मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों का अनुपालन अनिवार्य होगा. कोर्ट ने केंद्र सरकार को हलफनामा दाखिल करने के लिए तीन महीने का समय दे दिया है. साथ ही कोर्ट ने जिला स्तर पर समिति बनाने का आदेश दिया है. सभी शैक्षणिक संस्थानों को एक समान मानसिक स्वास्थ्य नीति अपनाना और उसे लागू करना होगा.
राज्यों को नियम बनाने के लिए मिला दो महीने का समय
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि 100 या अधिक नामांकित छात्रों वाले सभी शैक्षणिक संस्थान कम से कम योग्य परामर्शदाता, मनोवैज्ञानिक, या सामाजिक कार्यकर्ता की नियुक्ति करेंगे, जिसे बाल और किशोर मानसिक स्वास्थ्य में प्रमाणिक प्रशिक्षण प्राप्त हो. कोर्ट ने कहा कि कम छात्रों वाले संस्थान बाहरी मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों के साथ औपचारिक रेफरल संबंध स्थापित करेंगे.
कोर्ट ने विशाखापटनम में अपने छात्रावास की छत से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में 17 वर्षीय नीट अभ्यार्थी की मौत के मामले में यह आदेश दिया है. जुलाई में विशाखापटनम स्थित आकाश बॉयजू इंस्टिट्यूट में गिरकर हुई मौत हो गई थी. जिसके बाद छात्र के पिता ने हाई कोर्ट में सीबीआई जांच की मांग को लेकर याचिका दायर किया था. लेकिन हाई कोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.
