सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता सहित अन्य को मिली सीआरपीएफ सुरक्षा को को लेकर बड़ा फैसला दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की ओर से दायर याचिका पर यह आदेश दिया है. जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने अपने फैसले में साफ कर दिया है कि पीड़िता को छोड़कर बाकी को मिली सीआरपीएफ सुरक्षा वापस लेने का केंद्र को आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि अगले आदेश तक पीड़िता को मिली सुरक्षा जारी रहेगी.
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है. लिहाजा अब परिवार के सदस्यों और वकील को सीआरपीएफ कवर की जरूरत नही है. कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि परिवार के सदस्यों को अभी भी कोई खतरा महसूस होता है तो वे स्थानीय पुलिस से संपर्क करने के लिए स्वतंत्र हैं, जहां वे रह रहे है. इसके साथ कि कोर्ट ने केंद्र सरकार की ओर से दायर याचिका का निपटारा कर दिया है.
CRPF सुरक्षा कवर की आवश्यकता नहीं है
पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील राजत नायर ने कहा था कि मामले की सुनवाई दिल्ली में स्थानांतरित कर दी गई थी, और पीड़िता और उनके परिवार के सदस्य अब दिल्ली में नहीं है. एक खतरे के आकलन रिपोर्ट में कहा गया कि उन्हें सीआरपीएफ सुरक्षा कवर की आवश्यकता नहीं है. केंद्र ने मांग की थी कि उन्नाव मामले के 14 लोगों को सीआरपीएफ द्वारा प्रदान किया गया केंद्रीय सुरक्षा कवर का आदेश वापस ले लिया जाए. भाजपा से निष्कासित नेता कुलदीप सिंह सेंगर साल 2017 में उन्नाव इलाके में नाबालिग लड़की का अपहरण और उसका दुष्कर्म करने के लिए आजीवन कारावास की सजा काट रहा है. 13 मार्च 2020 को सेंगर को पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में भी 10 साल की कठोर सजा सुनाई गई थी.
पीड़िता के पिता को आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था और9 अप्रैल 2018 को उनकी हिरासत में मौत हो गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता और अन्य लोगों को एक अगस्त 2019 को सीआरपीएफ की सुरक्षा देने का आदेश दिया था. साथ ही कोर्ट ने इस मामले में दर्ज पांच मामलों को लखनऊ की अदालत से दिल्ली की अदालत में ट्रांसफर कर लिया था. साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार को पीड़िता को 25 लाख रुपये देने का भी आदेश दिया था. कुलदीप सिंह सेंगर की अपील जिसमें वह उन्नाव दुष्कर्म मामले में निचली अदालत के फैसले को रद्द करने की मांग कर रहे हैं, जो दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित है.
-भारत एक्सप्रेस
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