सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के कंधई थाने के एसएचओ के रवैये पर नाराजगी व्यक्त करते हुए फटकार लगाई है. एसएचओ पर आरोप है कि उसने कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के पालन करने से इनकार कर दिया है.
कोर्ट ने निर्देश के बावजूद याचिकाकर्ता को गिरफ्तार कर उसके साथ मारपीट की है. जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई की, जिसमें शिकायत की गई है कि 28 मार्च 2025 के संरक्षण आदेश के बावजूद एसएचओ ने उसे गिरफ्तार कर मारपीट की.
SC के आदेश की अवहेलना पर SHO पर गिरी गाज
एसएचओ ने कोर्ट के आदेश का पालन करने से इनकार करते हुए कहा कि ” मैं किसी सुप्रीम कोर्ट का आदेश नही मानूंगा, मैं आज तुम्हारा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट निकाल दूंगा. जबकि याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी को भी एसएचओ को दिया, उसके बावजूद उसने याचिकाकर्ता के साथ दुर्व्यवहार किया.
कोर्ट ने इससे पहले उत्तर प्रदेश गृह विभाग को निर्देश दिया था कि एडीजीपी रैंक के नीचे लेबल के अधिकारी के माध्यम से जांच करने का निर्देश दिया था. कोर्ट 7 नवंबर को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. कोर्ट ने कहा कि अवमाननाकर्ता एसएचओ को पुलिस की वर्दी के आड़ में न्याय की धारा को प्रदूषित करने की अनुमति नही दी जा सकती है. कोर्ट ने आगे कहा कि पहली नजर में एसएचओ द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानबूझकर अवज्ञा की गई, जिसके साथ सख्ती से निपटा जाना चाहिए.
कोर्ट एसएचओ के खिलाफ कड़ा आदेश पारित करना चाह रहा था, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि जांच रिपोर्ट के आलोक में एसएचओ के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी. साथ ही राज्य सरकार के वकील ने घटना स्थल से संबंधित जानकारी को अवगत कराने के लिए कोर्ट से समय की मांग की, जिसे कोर्ट ने दे दिया. कोर्ट ने अगली सुनवाई में राज्य सरकार से कार्रवाई से संबंधित रिपोर्ट देने को कहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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