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सुप्रीम कोर्ट ने गैर-कानूनी रेव पार्टियों और ड्रग्स तस्करी के मामले में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले पर लगाया रोक

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें गैर-कानूनी रेव पार्टियों और ड्रग्स तस्करी मामले में कुल्लू के डीसी, एसपी और एसडीएम के तबादले का निर्देश दिया गया था.

supreme court

सुप्रीम कोर्ट ने गैर-कानूनी रेव पार्टियों और ड्रग्स तस्करी के मामले में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दिया है. अदालत ने कुल्लू के डिप्टी कमिश्नर, सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसपी) और संबंधित सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट का ट्रांसफर करने का आदेश दिया था.

सुप्रीम कोर्ट ने डीसी और एसपी के ट्रांसफर के हाई कोर्ट के आदेश को तुरंत लागू करने का निर्देश दिया है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने यह निर्देश दिया है. हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने कुल्लू के डीसी अनुराग चंद्र शर्मा, एसपी और एसडीएम का एक सप्ताह के भीतर ट्रांसफर करने का निर्देश दिया था.

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रहे और इसके बजाय कसोल में बड़े पैमाने पर रेव पार्टी आयोजित करने में मदद की. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि हमने तबादले के आदेश को बरकरार रखा है. लेकिन हमने याचिककर्ताओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश पर रोक लगा दी है.

ड्रग्स के इस्तेमाल की सूचना के बाद जांच तेज

सुनवाई के दौरान हिमाचल सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील माधवी दीवान ने कहा कि मेरी बात कभी सुनी ही नहीं गई, हम डीसी और एसपी है जरूरी इंतजाम पहले से ही किए गए थे. उन्होंने कहा कि जगह से कोई ड्रग्स बरामद नहीं हुई. एक डीसी के तौर पर मैं हर जगह शारीरिक रूप से मौजूद नहीं रह सकता. इसपर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि तबादला तो करना ही होगा. आपराधिक मामलों के आरोपियों को इजाजत दी गई थी. दीवान ने कहा कि वह अच्छे रिकॉर्ड वाले आईएएस अधिकारी है. वही जस्टिस बागची ने पूछा कि क्या इससे कोई फर्क पड़ता है? एफआईआर दर्ज कराने पर रोक है, इसलिए कोई बदनामी नहीं होगी.

मामले की हाई कोर्ट द्वारा गठित एसआइटी कसोल में आयोजित रेव पार्टियों, कथित ड्रग्स तस्करी और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत की जांच कर रही है. कसोल में 7 जून से चार दिन तक रेव पार्टी हुई थी. इसमें ड्रग्स के प्रयोग की सूचना थी.

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-भारत एक्सप्रेस



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