मध्य प्रदेश के मंत्री कुंवर विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई विवादित टिप्पणी के मामले में दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 19 मई को सुनवाई करेगा. इस याचिका में विजय शाह ने उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने की मांग की है.
इस मामले की सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही है. शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान मंत्री शाह की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने कोर्ट को बताया कि उन्हें कुछ अतिरिक्त दस्तावेज जमा कराने हैं. वहीं, कांग्रेस नेता जया ठाकुर ने इस मामले में कैवीएट दायर किया है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को उनका पक्ष सुनेगा.
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन भी इस मामले में एक अर्जी दाखिल करने की तैयारी कर रही है. उन्होंने हाई कोर्ट के उस आदेश की ओर भी ध्यान दिलाया, जिसमें अदालत ने इस मामले की जांच की निगरानी (मॉनिटरिंग) करने का निर्देश दिया था.
दरअसल, मंत्री विजय शाह के बयान के बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था. इसके बाद इंदौर के मानपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152, 196(1)(ख), और 197(1)(ग) के तहत मामला दर्ज किया गया.
इससे पहले मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई ने भी मंत्री शाह को फटकार लगाते हुए कहा था कि देश एक संवेदनशील दौर से गुजर रहा है और इस समय संवैधानिक पद पर बैठे लोगों को बेहद जिम्मेदारी से बयान देने चाहिए. कोर्ट ने कहा था कि मंत्री को यह पता होना चाहिए कि वे क्या कह रहे हैं.
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में मंत्री शाह के वकील ने तर्क दिया कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया और जब उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ, तो उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी. उन्होंने यह भी कहा कि हाई कोर्ट ने आदेश देने से पहले उनका पक्ष नहीं सुना, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है.
मंत्री विजय शाह ने माफी मांगते हुए एक वीडियो भी जारी किया है जिसमें उन्होंने कहा, “मैं विजय शाह, हाल ही में मेरे दिए गए बयान से, जिससे हर समाज की भावनाएं आहत हुई हैं, उसके लिए मैं दिल से न केवल शर्मिंदा हूं और दुःखी हूं, बल्कि माफी भी चाहता हूं. हमारे देश की बहन कर्नल सोफिया कुरैशी ने राष्ट्रधर्म निभाते हुए जाति और समाज से ऊपर उठकर सेवा की है, जो सराहनीय है.” अब सुप्रीम कोर्ट इस पूरे मामले में 19 मई को सुनवाई करेगा, जिसमें मंत्री शाह की याचिका और संबंधित पक्षों की दलीलों को सुना जाएगा.
-भारत एक्सप्रेस
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