Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

घर खरीदारों को परेशान करने वाले बिल्डर्स को नही मिलेगी राहत- सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर के बिल्डर्स को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि होम बायर्स का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा.

दिल्ली एनसीआर के बिल्डर्स के लिए सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि लगातार होम बायर्स का बहुत ज्यादा उत्पीड़न हो रहा है, यह रोकने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का लगातार सुपरटेक उल्लंघन कर रहा है. इसके.मद्देनजर अवमानना याचिका दायर की गई हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि घर खरीदारों को प्रताड़ित करने वाले बिल्डर्स को किसी तरह की कोई राहत नही दी जाएगी. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ मामले में सुनवाई कर रही है. मामले के सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी ने कोर्ट को बताया कि NBCC ने फ्लैटों का निर्माण पूरा कर लिया गया है. लेकिन हैरानी की बात यह है कि खरीदारों के बार-बार अनुरोध के बावजूद नोएडा ऑथोरिटी 500 में से 487 फ्लैटों की रजिस्ट्री करने से इनकार कर रही हैं. सुपरटेक सुपरनोवा मामले में खरीदारों के.सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है और इस पर ऑथोरिटी के साथ बातचीत जारी है.

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सुपरनोवा प्रोजेक्ट

सुप्रीम कोर्ट ने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स सुपरनोवा रेजिडेंशियल टावर्स ईस्ट और वेस्ट को लेकर जम्मू कश्मीर के रिटायर्ड चीफ एम एम कुमार की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है. यह कमेटी इस प्रोजेक्ट की देखरेख करेगी और सभी काम समय पर पूरा हो यह सुनिश्चित करेगी. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद 27 हजार फ्लैट खरीदारों को फ्लैट मिलने की उम्मीद जग गई है. सुपरटेक पर बैंक का हजारों करोड़ रुपए का कर्ज था. साल 2021-22 में कंपनी को दिवालिया प्रक्रिया में डाल दिया गया. जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुचा था. सुप्रीम कोर्ट ने.स्पष्ट किया कि खरीदारों की रजिस्ट्री को प्राथमिकता दी जाएगी.

इंसॉल्वेंसी ने रोका था निर्माण

परियोजना से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग पहले निर्माण कार्यों को पूरा करने में होगा, इसके बाद बैंकों का कर्ज चुकाया जाएगा. इन.सभी के बाद यदि कोई राशि शेष रहती है तो प्राधिकरण के बकाया चुकाया जाएगा. कोर्ट ने यह भी कहा कि प्राधिकरण के बकाया रजिस्ट्री में किसी तरह की बाधा नहीं बनेगा. सुपरनोवा एक मिक्स्ड यूज डेवलपमेंट है, जिसमें रेसिडेंशियल फ्लैट्स, ऑफिस स्पेस, रिटेल और लग्जरी होटल शामिल है. यह प्रोजेक्ट करीब 70 हजार वर्ग मीटर जमीन पर बन रहा है और इसका अनुमानित लागत 2300 करोड़ रुपए से अधिक है. इंसल्वेंसी प्रक्रिया के कारण निर्माण कार्य रुका हुआ था.

ये भी पढ़ें: हेट स्पीच को लेकर दायर विभिन्न याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital