सुप्रीम कोर्ट परिसर में पान मसाला या गुटखा चबाकर परिसर को लाल करना महंगा पड़ गया है. सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने एक सख्त चेतावनी जारी किया है. 11 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट प्रशासनिक विभाग ने सर्कुलर जारी किया है. सर्कुलर में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट परिसर में कुछ लोग पान मसाला, गुटखा खाकर दीवार के कोनों, वाशबेसिन और पीने की पानी के जगह पर थूक देते है. कोर्ट ने ऐसे लोगों को अपनी आदत सुधारने की नसीहत दिया है.
कोर्ट ने यह भी कहा है कि इससे न सिर्फ गंदगी फैलती है, बल्कि संक्रमण का खतरा भी बढ़ता है. कोर्ट ने कहा है कि इस आदत से पानी की निकासी बंद हो जाती है और संक्रमण का खतरा बना रहता. साथ ही भवन का उपयोग करने वाले अन्य लोगों की भी असुविधा होती है.
असिस्टेंट रजिस्ट्रर ने सभी संबंधितों को निर्देशित किया
इसलिए गुटखा, पान मसाला खाने वालों को हिदायत दी जाती है कि पान मसाला या गुटखा चबाकर परिसर में न थूके. साथ ही परिसर को साफ रखने में सहयोग करें. असिस्टेंट रजिस्ट्रर की ओर से जारी इस निर्देश में सभी संबंधित लोगों से अपील की गई है. परिसर में पान.मसाला, गुटखा या तंबाकू थूकने से बचें और साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की गई है.
हालही में केंद्र सरकार ने संकेत दिया है कि गुटखा और पान मसाला पर सख्त कार्रवाई कर सकता है. लंबे समय से बढ़ते इस्तेमाल, स्वास्थ्य जोखिमों और टैक्स चोरी की शिकायतों के बाद सरकार ने अब नया और कड़ा वित्तीय प्रावधान लागू करने की तैयारी कर ली है.
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-भारत एक्सप्रेस
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