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Delhi: Supreme Court से पूर्व पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार को झटका, 25 साल पुराने मामले में पूर्व IRS अधिकारी अशोक कुमार अग्रवाल को इंसाफ की आस

Supreme Court ने पूर्व पुलिस आयुक्त नीरज कुमार और एसीपी विनोद पांडे के खिलाफ जांच का आदेश दिया है. इस आदेश के साथ ही पूर्व आईआरएस अधिकारी अशोक कुमार अग्रवाल को इंसाफ मिल गया.

Delhi Police commissioner Neeraj Kumar news

फोटो: सुप्रीम कोर्ट (इनसेट में- दिल्ली के पूर्व पुलिस आयुक्त नीरज कुमार)

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Supreme Court’s Landmark Ruling: सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्‍वपूर्ण फैसले में दिल्ली के पूर्व पुलिस कमिश्नर और CBI के पूर्व जॉइंट डायरेक्टर नीरज कुमार और उनके सहायक अधिकारी, पूर्व ACP विनोद पांडे के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi Highcourt) के जून 2006 के दो फैसलों को चुनौती देने वाली चार अपीलों को खारिज कर दिया.

दिल्ली हाई कोर्ट ने इन दोनों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ पूर्व आईआरएस अधिकारी अशोक कुमार अग्रवाल के मामले में जांच के दौरान दस्तावेजों में हेराफेरी और जालसाजी के लिए दो एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था.

हाई कोर्ट में भी चला था झूठी गवाही का मामला

इसके अलावा, हाई कोर्ट ने अशोक के छोटे भाई विजय अग्रवाल को अवैध रूप से बुलाने, हिरासत में रखने और उत्पीड़न करने के लिए, जो कि अशोक द्वारा नीरज कुमार के खिलाफ दायर एक झूठी गवाही के मामले को वापस लेने के लिए था, आपराधिक अवमानना शुरू करने का भी आदेश दिया था.

शिकायतों की 25 साल बाद भी जांच नहीं हुई

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह न्याय का मजाक है कि वर्ष 2000 की गंभीर शिकायतों की 25 साल बाद भी जांच नहीं हो सकी. कोर्ट ने आदेश दिया कि अगर दोनों अधिकारी जांच में सहयोग नहीं करते, तो दिल्ली पुलिस के एसीपी रैंक का जांच अधिकारी उन्हें गिरफ्तार करेगा. यदि हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता हुई, तो उनकी गिरफ्तारी होगी. यह पहली बार है जब सीबीआई में प्रतिनियुक्ति पर रहे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के खिलाफ दो आपराधिक मामलों में जांच का आदेश दिया गया है.

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