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स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को झटका, सीजर मेमो और केस डायरी की मांग वाली याचिका खारिज

पटियाला हाउस कोर्ट ने स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती की ओर से दायर अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने सीजर मेमो और केस डायरी की मांग की थी. पुलिस ने उनके अश्लील चैट रिकॉर्ड, फर्जी तस्वीरें और डिजिटल सबूत भी बरामद किए हैं.

पटियाला हाउस कोर्ट से स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को झटका लगा है. कोर्ट ने चैतन्यानंद की ओर से दायर उस अर्जी को खारिज कर दिया है, जिसमें सीजर मेमो और केस डायरी की मांग की गई थी. न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिमेष कुमार ने यह आदेश दिया है. लेकिन कोर्ट ने चैतन्यानंद सरस्वती को राहत देते हुए सात्विक भोजन, चश्मा, धार्मिक किताब, सन्यासी वस्त्र और दवाइयां मुहैया कराने का आदेश दिया है. कोर्ट ने दोनों पक्षों की जिरह के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था.

श्री शारदा इंस्टीट्यूट की महिलाएं भी गिरफ्तार

चैतन्यानंद की ओर से तीन अलग-अलग अर्जी दाखिल कर खाने से सामग्री, दवाई, धार्मिक किताब, सीजर मेमों और केस डायरी की मांग की गई थी. चैतन्यानंद फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं. मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ अब गवाह को धमकाने की एक नई आपराधिक धारा जोड़ी गई है. इस मामले में गिरफ्तार महिलाओं में श्री शारदा इंस्टीट्यूट की एसोसिएट डीन श्वेता शर्मा, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भावना कपिल और सीनियर फैकल्टी काजल शामिल है.

इन पर आरोप है कि इन्होंने शिकायतकर्ताओं को धमकाया और सबूतों को नष्ट किए. मामले की तफ्तीश के दौरान चैतन्यानंद के अश्लील चैट रिकॉर्ड भी बरामद किया गया है जिसमें वह महिलाओं को बेबी डॉल कहकर संबोधित करता था. पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और ब्रिटेन के एक नेता के साथ फर्जी तस्वीरे सहित कई अन्य तस्वीरों को जब्त किया है. पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि उत्तराखंड के अल्मोडा में एक गेस्ट हाउस में चैतन्यानंद छात्राओं के साथ रुका था.

छात्राओं के खिलाफ आपत्तिजनक कमेंट्स

पुलिस को चैतन्यानंद के फोन से डिजिटल सबूत भी मिले है. इनमें वह वह एक व्हाट्सएप ग्रुप में छात्राओं की फोटों पर आपत्तिजनक कमेंट कर रहा हैं. जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने बाबा के कमरे से पुलिस ने एक सेक्स टॉय और 5 पोर्न सीडी भी बरामद की है. दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में खुलासा किया कि चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 232 को जोड़ा गया है, जो किसी गवाह को झूठी गवाही देने के लिए धमकाने से संबंधित हैं. इसके अलावे स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75 (2), धारा 79, धारा 351 (2) में तहत एफआईआर दर्ज है.

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-भारत एक्सप्रेस



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