Bharat Express DD Free Dish

OBC Reservation: तेलंगाना सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, ओबीसी आरक्षण बढ़ाने पर लगी रोक जारी

सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना की रेवंत रेड्डी सरकार को बड़ा झटका देते हुए ओबीसी आरक्षण में बढ़ोतरी पर हाई कोर्ट की लगाई रोक को बरकरार रखा है. कोर्ट ने साफ कहा कि भारत में आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से अधिक नहीं हो सकती.

Telangana News, Supreme Court, OBC Reservation
Edited by Radha Priya

OBC Reservation: तेलंगाना के रेवंत रेड्डी सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को लेकर तेलंगाना हाई कोर्ट द्वारा लगाए गए अंतरिम आदेश को चुनौती देने वाली याचिका राज्य सरकार की याचिका को खारिज कर दिया है. तेलंगाना हाई कोर्ट ने स्थानीय निकायों में ओबीसी आरक्षण बढ़ाने पर लगाई गई अंतरिम रोक को चुनौती दी थी. जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने यह फैसला दिया है.

मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यह एक नीतिगत मामला है, जिसे सभी दलों की सहमति से.सर्वसम्मति से पारित किया गया था. उन्होंने कहा कि इसे बिना किसी विस्तृत दलील के कैसे रोका जा सकता है? इससे पहले भी इसको लेकर याचिका दायर की गई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था.

तेलंगाना में आरक्षण सीमा बढ़ाने के खिलाफ याचिका

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने दलील देते हुए कहा था कि अगर यह बिल लागू हो जाता है, तो तेलंगाना में आरक्षण की कुल सीमा बढ़कर 62 फीसदी हो जाएगी. लेकिन भारत में आरक्षण की अधिकतम सीमा 50 फीसदी तय की गई है. ऐसे में इस बिल को लागू करने के लिए संसद की मंजूरी जरूरी है. इससे पहले बिहार में भी आरक्षण संशोधन विधेयक 2023 लाया गया था, जिसमें आरक्षण की सीमा बढ़ाकर 65 फीसदी की गई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उस पर रोक लगा दिया था.

दायर याचिका में कहा गया था कि तेलंगाना पंचायत राज अधिनियम 2018 की धारा 285 ए के कृष्ण मूर्ति बनाम भारत संघ मामले में संविधान पीठ के फैसले के अनुरूप 50 फीसदी की सीमा को स्पष्ट रूप.से संहिताबद्ध करती हैं. तेलंगाना सरकार ने यह कदम सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी बुसारी वेंकटेश्वर राव की अध्यक्षता वाली समर्पित आयोग की सिफारिशों के आधार पर उठाया है.

आयोग ने सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक, रोजगार, राजनीतिक और जाति सर्वेक्षण के जरिए बीसी समुदाय की स्थिति का गठन अध्ययन किया. सर्वेक्षण में पाया गया कि 56 फीसदी से अधिक आबादी वाले बीसी समुदाय स्थानीय निकायों में प्रतिनिधित्व अपर्याप्त है.

ये भी पढ़ें- केरल की नर्स निमिषा प्रिया को यमन में मिली मौत की सजा पर फिलहाल रोक, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read