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TASMAC मुख्यालय पर की गई ईडी की छापेमारी को अवैध ठहराने के हाईकोर्ट के फैसले को तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

तमिलनाडु सरकार ने ईडी की TASMAC छापेमारी को अवैध ठहराने के हाईकोर्ट फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. ईडी का दावा— वित्तीय धोखाधड़ी और अनियमितताएं सामने आईं.

Telangana News, Supreme Court, OBC Reservation
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

तमिलनाडु राज्य विपणन निगम के मुख्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय द्वारा की गई छापेमारी को लेकर मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.

TASMAC के प्रबंध निदेशक ने मद्रास हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा था कि 6 से 8 मार्च के बीच TASMAC मुख्यालय पर की गई छापेमारी को अवैध घोषित किया गया है. TASMAC ने अपनी याचिका में ईडी को यह निर्देश देने की मांग की थी कि वह जांच की आड़ में उसके कर्मचारियों को परेशान न करें.

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि राज्य की क्षेत्रीय सीमाओं के भीतर अपराध की जांच करने की ईडी की यह कार्रवाई संघवाद का उल्लंघन है. जबकि ईडी का कहना है कि डिस्टलरी कंपनियों और बॉटलिंग इकाइयों में बेहिसाब नकदी और अवैध भुगतान के माध्यम से गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी की गई है. आबकारी मंत्री सेंथिल बालाजी से जुड़े प्रमुख सहयोगियों के ठिकानों पर भी तलाशी ली गई थी.

ईडी को तलाशी के दौरान ट्रांसफर पोस्टिंग, परिवहन और बार लाइसेंस निविदाओं, कुछ डिस्टिलरी कंपनियों को पक्ष देने वाले इंडेंट आर्डर TASMAC अधिकारियों की मिलीभगत के साथ TASMAC आउटलेट्स द्वारा प्रति बोतल 10-30अतिरिक्त शुल्क से संबंधित डाटा मिला.

बता दें कि ईडी ने हाल ही में TASMAC के अधिकारियों और उनके करीबी एजेंटों से जुड़े करीब 10 अलग-अलग स्थानों पर तलाशी ली जा रही है. ये छापे चेन्नई समेत राज्य के विभिन्न जिलों में चल रहे हैं.

TASMAC तमिलनाडु सरकार की एक प्रमुख संस्था है, जो राज्य में शराब की खुदरा और थोक बिक्री का एकमात्र अधिकार रखती है. इसे राज्य सरकार के अधीन एकमात्र वैध शराब छापेमारी की थी. एजेंसी का दावा था कि TASMAC के संचालन में गंभीर अनियमितताएं सामने आई है.



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