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संभल मस्जिद विवाद मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर लगी अंतरिम रोक को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा, रजिस्ट्री से याचिकाकर्ता की जांच के निर्देश

संभल मस्जिद विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर लगी अंतरिम रोक को बरकरार रखा है. इस बीच, 24 नवंबर को सर्वे के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग गठित किया है.

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संभल मस्जिद विवाद मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर लगी अंतरिम रोक को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है. जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि इस मामले में जामा मस्जिद संभल की प्रबंध समिति की दो अपीलें दायर की गई थी, जिनका नेतृत्व कमेटी के सचिव और उपाध्यक्ष ने किया है. कोर्ट ने पूछा कि मूल याचिकाकर्ता कौन है? कमेटी के सचिव या उपाध्यक्ष.

हिंदू पक्ष ने आदेश का किया विरोध

कोर्ट ने रजिस्ट्री को मामले की गहन पड़ताल करने और एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है. वही सुप्रीम कोर्ट द्वारा यथास्थिति बरकरार रखने का हिंदू पक्ष के वकील ने इसका विरोध किया. संभल मस्जिद समिति की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 19 मई 2025 के आदेश को चुनौती दी है. हाई कोर्ट ने संभल की जिला अदालत में चल रही सर्वे संबंधी कार्यवाही जारी रखने का आदेश दिया था. कोर्ट ने इंतजामिया कमेटी के इस तर्क को भी स्वीकार करने से इनकार कर दिया था कि दीवानी मुकदमा प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 के प्रावधानों से बाधित है.

जामा मस्जिद की इंतजामिया कमेटी की पुनरीक्षण याचिका में संभल की दीवानी अदालत के आदेश को चुनौती दी गई थी. दीवानी अदालत ने अधिवक्ता आयुक्त के माध्यम से पुरातात्विक सर्वेक्षण के साथ वाद को कायम रखने का भी निर्देश दिया था.

सरकार ने गठित किया जांच आयोग

बता दें कि संभल हिंसा को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के कार्रवाई पर रोक लगा दिया था. कोर्ट ने कहा था कि सर्वे रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में ही रहेगी. उसे फिलहाल नही खोला जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन को कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने की भी हिदायत दी थी. संभल में 24 नवंबर को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश देवेंद्र कुमार अरोड़ा की अध्यक्षता में गठित  आयोग दो माह में जांच पूरी कर रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा.

सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अमित मोहन प्रसाद व सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी अरविंद कुमार जैन को आयोग का सदस्य बनाया गया है.

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