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महुआ मोइत्रा पर फिर फेंके गए अंडे-कीचड़! भड़कीं TMC सांसद पहुंचीं हाई कोर्ट, मांगी कानूनी सुरक्षा

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने कथित हमले के मामले में कोलकाता हाई कोर्ट का रुख किया है और उन्हें कानूनी संरक्षण दिए जाने की मांग की है.

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से सांसद महुआ मोइत्रा पर अंडे, कीचड़ और फेंके जाने की घटना ने बाद उन्होंने कोलकाता हाई कोर्ट का रुख किया है. महुआ मोइत्रा द्वारा दायर याचिका में कानूनी संरक्षण की मांग की गई है. जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की बेंच ने महुआ मोइत्रा को याचिका दायर करने को कहा है.

मामले की सुनवाई के दौरान महुआ मोइत्रा की ओर से पेश वकील ने हाई कोर्ट को बताया कि उनपर हमला हुआ है, भीड़ ने मुझ पर गुस्सा निकाला है. मैंने शिकायत दर्ज कराई लेकिन उसे रिकॉर्ड में नही लिया गया, फिर जवाबी शिकायते.दर्ज कराई गई. उन्होंने यह भी कहा कि गलत तरीके से उनको नोटिस भेजा गया, लेकिन मैंने उनका जवाब दे दिया है. इसपर हाई कोर्ट ने महुआ मोइत्रा को याचिका दायर करने की अनुमति दे दिया है.

13 जून को दी गई थी सार्वजनिक चेतावनी

महुआ मोइत्रा ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया कि कृष्णानगर में उनके ऑफिस पर अंडे और सब्जियां फेंककर हमला किया है. बता दें कि 13 जून को चेतावनी देते हुए महुआ मोइत्रा ने कहा था कि अगर सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान उनपर अंडे फेंके जाते हैं, तो वह कानूनी कार्रवाई करेंगी. वही इसको लेकर पहले कोलकाता हाई कोर्ट में याचिका दायर किया गया था, जिसपर कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए पश्चिम बंगाल सरकार से अंडे फेंकने की घटनाओं पर लगाम लगाने की हिदायत दी थी. इसके बावजूद टीएमसी सांसद लगातार इसके शिकार हो रहे है. इससे पहले तृणमूल कांग्रेस ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कथित हमलों तथा पार्टी के सांसदों और विधायकों पर अंडे फेंकने को लेकर कोलकाता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया गया था कि उसके नेताओं और समर्थकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई है. दायर जनहित याचिका में दावा किया गया था कि हाल के दिनों में कई स्थानों पर तृणमूल कांग्रेस से जुड़े लोगों पर हमले हुए है और पार्टी ने जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया है.

टीएमसी का कहना है कि राजनीतिक विरोध के नाम पर हिंसा और हमलों की घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है.

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-भारत एक्सप्रेस



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