उत्तर प्रदेश के डीआईजी संजीव त्यागी की परेशानी कम होने का नाम नही ले रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम विरोधी टिप्पणी करने के आरोपी डीआईजी के आवाज के नमूने लेने को निर्देश दिया है. कोर्ट ने तेलंगाना फॉरेंसिक साइंसेज लेबोरेटरी को को निर्देश दिया है. साथ ही कथित ऑडियो क्लिप के फॉरेंसिक विश्लेषण रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश करने का निर्देश दिया है.
जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने यह निर्देश दिया है. कोर्ट ने डीआईजी संजीव त्यागी (पूर्व में बिजनौर के पुलिस अधीक्षक) को निर्देश दिया है कि वो 9 मार्च 2026 को सुबह 11 बजे हैदराबाद के टीजीएफएसएल के निदेशक के सामने उपस्थित होकर अपना आवाज का नमूना दें. कोर्ट 24 मार्च को दोपहर 3 बजे मामले में अगली सुनवाई करेगा. अदालत ने याचिकाकर्ता इस्लामुद्दीन अंसारी, जिनके मोबाइल फोन में संजीव त्यागी की आपत्तिजनक टिप्पणियों वाली कथित ऑडियो क्लिप थी, उसी दिन टीजीएफएसएल में उपस्थित होने के लिए कहा है. ताकि वे फॉरेंसिक अधिकारियों को ऑडियो क्लिप का पता लगाने में मदद मिल सकें.
सुप्रीम कोर्ट ने अंसारी पर आपराधिक कार्रवाई रद्द किया
वही कोर्ट ने टीजीएफएसएल को जांच के बाद क्लिप की ट्रांसक्रिप्ट के साथ सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने टीजीएफएसएल को यह भी पता लगाने का निर्देश दिया है कि क्या याचिकाकर्ता के फोन से, जिसमें उक्त ऑडियो क्लिप थी, कुछ डिलीट किया गया था. जिन पर ऑडियो क्लिप के संबंध में झूठी अफवाहें फैलाने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने 8 दिसंबर 2025 को अंसारी के खिलाफ चल रहे आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया था, और उत्तर प्रदेश के त्यागी को निर्देश दिया था कि वह अपना वॉइस सैम्पल दें.
याचिकाकर्ता इस्लामुद्दीन अंसारी एक ऑडियो क्लिप के खिलाफ शिकायत करने गए तो उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई. ऑडियो क्लिप में मुसलमानों के खिलाफ साम्प्रदायिक टिप्पणी की गई है और याचिकाकर्ता का कहना है कि ऑडियो क्लिप में जो आवाज है वह यूपी के डीआईजी संजीव त्यागी की है.
यह भी पढ़े: मुंबई: पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों की अहम मुलाकात, चीन और रक्षा सहयोग पर होगी बड़ी बातचीत
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



