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69 मौतों का गुनहगार होगा रिहा? राशिद खान को छोड़ने के फैसले के खिलाफ SC में ममता सरकार, जल्द सुनवाई की मांग

Bowbazar Bomb Blast: 1993 कोलकाता बोबाजार बम ब्लास्ट के दोषी राशिद खान को समय से पहले रिहा करने के दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है. सीजेआई की पीठ इस पर जल्द सुनवाई करेगी.

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Edited by Shubhra Rai

 Bowbazar Bomb Blast: 1993 के कोलकाता बोबाजार बम विस्फोट मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे मोहम्मद राशिद खान की रिहाई के खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. जिसपर सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस बी. मोहना की पीठ जल्द सुनवाई का भरोसा दिया है.

दिल्ली हाई कोर्ट के खिलाफ याचिका दायर

पश्चिम बंगाल सरकार ने सीजेआई सूर्यकांत से जल्द सुनवाई की मांग करते हुए सोमवार को सूचीबद्ध करने की गुहार लगाई, जिसपर कोर्ट ने कहा कि हम देखेंगे. पश्चिम बंगाल सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ यह याचिका दायर की है. दायर याचिका में सजा के मामले में सुधारवादी नजरिए का हवाला दिया गया है. दिल्ली हाई कोर्ट ने मोहम्मद राशिद खान को समय से पहले रिहा करने का आदेश दिया है.

अन्य धाराओं के तहत दोषी करार

जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली अब केवल दंडात्मक नहीं, बल्कि सुधारवादी दृष्टिकोण को भी महत्व देती है. कोर्ट ने कहा कि राशिद खान 3 मार्च 1993 से न्यायिक हिरासत में है. वह लगभग 22 साल जेल में बिता चुके है.

उसे टाडा सहित अन्य धाराओं के तहत दोषी करार दिया था. याचिकाकर्ता के वकील ने दलील देते हुए कहा कि जेल में उसका आचरण अच्छा रहा है, उसने सुधार के संकेत दिए है और समाज मे पुनर्वास की संभावना संबंधी रिपोर्ट भी उसके पक्ष में है.

रिहाई की मांग खारिज

वही केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश वकील ने समय पूर्व रिहाई का विरोध किया था. केंद्र सरकार ने विरोध करते हुए कहा था कि याचिकाकर्ता को राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले अपराधों के लिए टाडा के तहत दोषी ठहराया गया और अपराध की गंभीरता तथा कानून लागू करने वाली एजेंसियों से मिली नकारात्मक जानकारी के आधार पर उसकी समय से पहले रिहाई की मांग को खारिज कर दिया गया.

भीषण विस्फोट में 69 लोगों की मौत

पश्चिम बंगाल सरकार ने भी अपराध की गंभीरता और समाज पर इसके असर का हवाला देते हुए याचिका का विरोध किया था. 16 मार्च 1993 की रात को कोलकाता के बोबाजार क्षेत्र में हुए भीषण विस्फोट में 69 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई घायल हुए थे. इस विस्फोट में कई रिहायशी इमारतें भी ध्वस्त हो गई थी. जांच में सामने आया था कि बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जमा किए जाने के कारण यह हादसा हुआ था.

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-भारत एक्सप्रेस 



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