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कुर्मासन: आपके कमर का दर्द दूर कर शरीर को तनाव मुक्‍त कर सकता है ये आसन, जानें कैसे करें ‘कछुए’ जैसा अभ्‍यास

Kur Masana Yoga Benefits: कुर्मासन योग न सिर्फ तनाव और कमर दर्द को दूर करता है, बल्कि यह पाचन सुधारने और पेट की चर्बी घटाने में भी मददगार है. जानें इसे करने का सही तरीका और फायदे.

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Edited by Shubhra Rai

आज के दौर में हम सभी की जिंदगी बहुत भागदौड़ भरी हो गई है. घंटों दफ्तर में बैठकर काम करना, गलत तरीके से बैठना और बाहर का खाना खाने से शरीर में कई तरह की दिक्कतें पैदा हो रही हैं. कमर दर्द, कब्ज, तनाव और थकान अब आम समस्याएं बन चुकी हैं. इन शारीरिक और मानसिक परेशानियों से बचने के लिए योग एक रामबाण इलाज है. योग का एक ऐसा ही प्रभावशाली आसन है ‘कुर्मासन’, जो शरीर को अंदर से मजबूत और लचीला बनाता है.

क्या है कुर्मासन और इसे क्यों कहते हैं ‘कछुआ मुद्रा’?

कुर्मासन शब्द संस्कृत के ‘कुर्म’ से आया है, जिसका मतलब होता है कछुआ. इस आसन को करते समय इंसान के शरीर की आकृति एक कछुए जैसी बन जाती है, इसीलिए अंग्रेजी में इसे ‘टॉरटॉइज पोज’ कहा जाता है. जिस तरह कछुआ अपने अंगों को समेटकर शांत रहता है, ठीक वैसे ही यह आसन व्यक्ति को बाहरी शोर-शराबे से दूर कर मन की शांति से जोड़ता है.

कैसे करें इसका अभ्यास?

कुर्मासन करना काफी आसान है, लेकिन इसे सही तरीके से करना जरूरी है. सबसे पहले जमीन पर बैठकर अपने दोनों पैरों को सामने की ओर फैला लें. अब पैरों के बीच थोड़ी दूरी बनाएं और घुटनों को हल्का मोड़ें. सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे झुकें और अपने दोनों हाथों को घुटनों के नीचे से पीछे की तरफ निकालें. कोशिश करें कि आपकी छाती और ठुड्डी जमीन को छुए. इस दौरान गहरी और सामान्य सांस लेते रहें. कुछ सेकंड रुकने के बाद वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं.

सेहत को मिलने वाले शानदार फायदे

कमर और रीढ़ की मजबूती: यह आसन रीढ़ की हड्डी में जबरदस्त खिंचाव पैदा करता है. इससे पीठ की जकड़न खत्म होती है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है.

बेहतर पाचन: पेट पर दबाव पड़ने की वजह से पाचन तंत्र सक्रिय हो जाता है. इससे गैस, कब्ज और पेट की चर्बी कम करने में मदद मिलती है.

डायबिटीज में राहत: यह पैंक्रियास को एक्टिव करता है, जिससे इंसुलिन का लेवल बना रहता है.

मानसिक शांति: अगर आप मानसिक दबाव या चिंता महसूस करते हैं, तो यह आसन आपके दिमाग को शांत कर एकाग्रता बढ़ाता है.

बरतें ये सावधानियां

हालांकि यह बहुत फायदेमंद है, लेकिन अगर आपको घुटने, कंधे या रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट या दर्द है, तो इसे न करें. गर्भवती महिलाओं और सायटिका के मरीजों को भी इस आसन से दूर रहने या विशेषज्ञ की सलाह लेने की जरूरत है.

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-भारत एक्सप्रेस



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