Adulterated Turmeric Powder: भारत में खाने-पीने की चीजों में मिलावट कोई नई बात नहीं है. नमक, मिर्च से लेकर हर मसाले में किसी न किसी तरह की नकली मिलावट मिल ही जाती है.
यही वजह है कि जो मसाले हमारी सेहत को फायदा पहुंचाने वाले होते हैं, वही आज बीमारियों की जड़ बनते जा रहे हैं. हल्दी इसका सबसे बड़ा उदाहरण है.
हल्दी के औषधीय गुण
हल्दी हर भारतीय रसोई का जरूरी हिस्सा है. सब्जी से लेकर दाल तक हर डिश में इसका इस्तेमाल होता है. आयुर्वेद में हल्दी को औषधीय मसाला माना गया है क्योंकि इसमें करक्यूमिन नामक तत्व पाया जाता है.
यह एक बेहद पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेटरी कंपाउंड है. हल्दी शरीर की सूजन कम करती है, दिल की बीमारियों से बचाती है और जोड़ों के दर्द में राहत देती है.
इसके नियमित सेवन से दिमागी कोशिकाओं को भी उम्र के असर से बचाया जा सकता है. हालाकि हल्दी के सभी फायदे तभ हमारे शरीर को होंगे जब ये पूरी तरह से शुद्ध हो.
हल्दी में होने वाली खतरनाक मिलावट
आजकल बाजार में बिकने वाली हल्दी में खतरनाक केमिकल्स और रंगों की मिलावट आम हो गई है. ये शरीर के लिवर, आंत और किडनी को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाते हैं और कई बार कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की वजह भी बन जाते हैं.
सूडान रेड (Sudan Red): हल्दी का रंग गाढ़ा दिखाने के लिए मिलाया जाने वाला यह केमिकल कैंसरकारी है. यह लिवर और मूत्राशय में ट्यूमर तक पैदा कर सकता है.
मेटानिल येलो (Metanil Yellow): यह नकली पीला रंग हल्दी को चमकदार बनाने के लिए मिलाया जाता है. इसके लगातार सेवन से कैंसर, लिवर डैमेज, डीएनए को नुकसान और दिमागी कमजोरी हो सकती है. कई देशों में इसे खाने में इस्तेमाल करना बैन है.
चाक पाउडर और स्टार्च: हल्दी का वजन और मात्रा बढ़ाने के लिए इसमें चाक, आटा या स्टार्च मिलाया जाता है. यह पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ शरीर में जहरीले तत्व छोड़ते हैं.
ये भी पढ़ें- इस छोटे से बीज में छुपे सेहत के कई बड़े राज, जानिए क्या कहती है वैज्ञानिकों की रिसर्च?
घर पर कैसे पहचानें हल्दी की शुद्धता?
पानी टेस्ट: एक गिलास पानी में हल्दी डालें. शुद्ध हल्दी नीचे बैठ जाएगी और हल्का पीला रंग देगी, जबकि नकली हल्दी पानी को गाढ़ा पीला कर देगी.
नींबू/सिरका टेस्ट: पानी में हल्दी डालकर उसमें नींबू रस या सिरका डालें. अगर झाग या बुलबुले निकलें तो इसमें चाक पाउडर मिला है.
स्वाद और खुशबू: असली हल्दी हल्की कड़वी और मिट्टी जैसी खुशबू वाली होती है. अगर स्वाद मीठा या फीका लगे तो समझें इसमें स्टार्च या आटा मिला है.
जलाने पर गंध: हल्दी को जलाने पर अगर चीनी जलने जैसी गंध आए और चटकने की आवाज़ हो तो इसमें स्टार्च मौजूद है.
HCl टेस्ट: हल्दी में कुछ बूंदे पतला HCl डालने पर अगर रंग गुलाबी या लाल हो जाए, तो इसमें लेड (सीसा) की मिलावट है.
Follow Bharat Express on X
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.





