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Health Tips: बड़े कमाल का चूना, पान ही नहीं शरीर के लिए भी फायदेमंद

चूना कैल्शियम का प्राकृतिक स्रोत है, जो हड्डियों को मजबूत करने, पाचन सुधारने और कई बीमारियों जैसे शुगर, बीपी, गठिया व पीलिया में लाभकारी होता है, लेकिन इसका सही मात्रा में सेवन आवश्यक है.

Benefits of Lime

Benefits of Lime

Chuna ke benefits: चूना एक ऐसा पदार्थ है जो न केवल हमारी रोजमर्रा की ज़िंदगी में अपनी जगह बनाए हुए है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. आमतौर पर इसे पान, सुपारी और तंबाकू के साथ खाया जाता है, लेकिन सही तरीके से सेवन करने पर यह कई बीमारियों को दूर कर सकता है. यही कारण है कि इसे आयुर्वेद और नैचुरोपैथी में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है.

चूना क्या है?

चूना मुख्य रूप से कैल्शियम और ऑक्सीजन से मिलकर बना होता है. इसे कैल्शियम ऑक्साइड (CaO) के रूप में जाना जाता है, जिसे जब पानी में मिलाया जाता है तो यह कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड (बुझा हुआ चूना) बन जाता है. इसे आम भाषा में लाइम वॉटर भी कहा जाता है.

चूने के औषधीय गुण और स्वास्थ्य लाभ

चूना कई शारीरिक समस्याओं के समाधान के रूप में उपयोग किया जाता है. मेरठ के एक आयुर्वेदिक प्रोफेसर द्वारा किए गए शोध, जो अगस्त 2020 में अमेरिका की पत्रिका “जर्नल ऑफ नेचुरल एंड आयुर्वेदिक मेडिसिन” में प्रकाशित हुआ है, जिसमें बताया गया कि हल्दी और चूने का मिश्रण कोरोना वायरस के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है. यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने, खून के थक्के बनने से रोकने और वायरल लोड कम करने में सहायक है. इसके अलावा, चूना शुगर, बीपी, गठिया और पेट की जटिल बीमारियों के इलाज में भी कारगर माना जाता है.

भारतीय चिकित्सा में चूने का उपयोग

  • पीलिया: यदि गेहूं के दाने जितना चूना गन्ने के रस में मिलाकर पिया जाए, तो यह पीलिया को ठीक करने में सहायक होता है.
  • बांझपन (इंफर्टिलिटी): यह पुरुषों में स्पर्म काउंट बढ़ाने और महिलाओं में अंडाणुओं (एग्स) की गुणवत्ता सुधारने में मदद करता है.
  • लंबाई बढ़ाने में सहायक: यदि बच्चों को नियमित रूप से दही में मिलाकर चूना दिया जाए, तो उनकी हाइट ग्रोथ में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
  • स्पॉन्डिलाइटिस और हड्डियों की समस्याएं: स्क्रीन टाइम बढ़ने से रीढ़ की हड्डी में गैप की समस्या हो सकती है. चूना इस गैप को भरने और हड्डियों को मजबूत करने में मदद करता है.

चूना साउथ-ईस्ट एशिया, विशेष रूप से इंडोनेशिया, पापुआ और आसपास के द्वीपसमूहों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. वहां इसे पारंपरिक चिकित्सा में भी इस्तेमाल किया जाता है. भारत में, यह पान का एक महत्वपूर्ण घटक है और इसे गुलकंद, इलायची और सुपारी के साथ सेवन करना लाभकारी माना जाता है.

चूना: स्वास्थ्य के लिए वरदान, लेकिन सावधानी जरूरी

हालांकि चूना स्वास्थ्य के लिए कई तरह से फायदेमंद है, लेकिन इसका उपयोग सही मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही करना चाहिए. इसमें मुख्य रूप से कैल्शियम कार्बोनेट होता है, जो कैल्शियम का सबसे अच्छा प्राकृतिक स्रोत माना जाता है. लेकिन अति सेवन से यह नुकसान भी पहुँचा सकता है. इसलिए, यदि आप चूने का उपयोग करना चाहते हैं, तो इसे सही मात्रा में और जागरूकता के साथ अपनाएं और इसके लाभों का पूरा आनंद लें!

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-भारत एक्सप्रेस 



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