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Meditation Benefits: भागदौड़ भरी ज़िंदगी और ज़िम्मेदारियों के बोझ तले लोग अक्सर अपनों का ध्यान रखते-रखते खुद से दूर हो जाते हैं. इसका सीधा असर हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है. हर साल 10 अक्टूबर को ‘विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस’ (World Mental Health Day) मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य लोगों को मेंटल हेल्थ के प्रति जागरूक करना है. इस खास मौके पर आइए जानते हैं कि कैसे रोजाना सिर्फ कुछ मिनट का ध्यान (Meditation) आपको मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाकर खुद से फिर से जोड़ सकता है.
मानसिक रूप से स्वस्थ रहने और तनाव से बचने के लिए रोजाना ध्यान लगाना बेहद असरदार उपाय है. भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद से कट चुके लोगों के लिए मेडिटेशन एक ऐसा जरिया है जो विचारों को स्पष्टता और मन को गहरी शांति देता है. 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के मौके पर हमें अपने मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल करने और नियमित ध्यान को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संकल्प लेना चाहिए.
मानसिक स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ करने का खतरा
व्यस्त दिनचर्या में जब व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ होता है, तो उसके खान-पान, मूड और ऊर्जा के स्तर में बदलाव आने लगते हैं. लोग अक्सर इन शुरुआती लक्षणों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, जो आगे चलकर बड़ी मानसिक समस्याओं का रूप ले लेते हैं. विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का मुख्य मकसद यही है कि लोग अपनी मानसिक स्थिति पर खुलकर बात करें और सही समय पर मदद लें.
मेडिटेशन कैसे बनाता है खुद से जुड़ाव?
ध्यान सिर्फ एक अभ्यास नहीं, बल्कि खुद के भीतर झांकने का जरिया है. मेडिटेशन आपकी जिम्मेदारियों, चिंताओं और असलियत के बीच एक शांत जगह (Space) बनाता है. जब आप ध्यान में बैठते हैं, तो दिमाग में चल रही भागदौड़ रुकती है और आपको यह समझने का मौका मिलता है कि आप वास्तव में अंदर से क्या महसूस कर रहे हैं.
ध्यान करने का सबसे आसान और सही तरीका
- आरामदायक स्थिति: किसी शांत जगह पर बैठें, कंधों को ढीला छोड़ें और गहरी सांसें लें.
- सांसों पर ध्यान: बिना किसी बदलाव की कोशिश किए अपनी सांसों और शरीर के तनाव या बेचैनी को महसूस करें.
- खुद से सवाल पूछें: ध्यान में बैठकर बिना खुद को जज किए पूछें- ‘मैं अभी कैसा महसूस कर रहा हूं?’
- जरूरत को पहचानें: धीरे से विचार करें कि ‘अभी मुझे अपनी जिंदगी में किस चीज़ की सबसे ज्यादा जरूरत है?’
- खुद को स्वीकारें: दिल पर हाथ रखकर खुद को यह एहसास दिलाएं कि हर चीज़ का एकदम सही होना जरूरी नहीं है, आप जैसे हैं खुद को वैसे ही स्वीकार करें.
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-भारत एक्सप्रेस
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