प्रतीकात्मक तस्वीर.
मध्य प्रदेश का शहडोल जिला अपने अजब-गजब कारनामों के लिए अक्सर चर्चा में रहता है. कभी 4 लीटर पेंट के लिए 165 मजूदरों का बिल अधिकारी बना देते हैं, तो कभी मीटिंग के नाम पर हजारों की चाय पिला दी जाती है. अब इसी तरह का एक और मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है.
जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा
दरअसल, मध्य प्रदेश में जल संरक्षण को लेकर डॉ.मोहन यादव की सरकार ने जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू किया है. मई में शुरू हुए इस अभियान के तहत अफसर गांव-गांव जाकर चौपाल लगाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं. हालांकि इस अभियान से लोग कितने जागरूक हुए और उसका कितना असर धरातल पर दिखाई दे रहा है, इसका तो पता नहीं, लेकिन इस अभियान के दौरान अधिकारियों ने सरकारी पैसों को जमकर पानी की तरह बहाया, जिसे अफसरों ने अपनी आवभगत में खर्च कराए.
19 हजार के काजू-बादाम और किशमिश खा गए अफसर
बता दें कि जिले की भदवाही ग्राम पंचायत में पिछले महीने जल चौपाल का आयोजन किया गया था, जिसमें प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर अन्य कर्मचारी और ग्रामीण शामिल हुए थे. इस चौपाल का उदेश्य गांव में लोगों को जल संरक्षित करने के लिए जागरूक करना था, लेकिन चौपाल की छांव में अफसरों की मेज पर काजू-बादाम, किशमिश, दूध और घी की जमकर बारिश कराई गई. जिसका जिक्र पंचायत रजिस्टर में किया गया.
ग्राम पंचायत में एक घंटे चली इस चौपाल में अफसरों की खातिरदारी में पांच किलो काजू, 5 किलो बादाम, 3 किलो किशमिश, 30 किलो नमकीन, 20 पैकैट बिस्कुट, 6 लीटर दूध और 5 किलो चीनी खर्च हो गई. इतना ही नहीं, इस मेहमान नवाजी में अफसर दो किलो घी भी पी गए. जब इसका बिल बना तो उसपर खर्च की रकम लिखी गई 19 हजार 10 रुपये. इसके अलावा शुद्ध देसी घी का खर्च 5 हजार 260 रुपये अलग से बताया गया.
चौपाल में खर्च का बिल सामने आने के बाद जिला पंचायत प्रभारी मुद्रिका सिंह ने इसपर बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा, जल गंगा संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन कराया गया था, जिसमें अधिकारी और ग्रामीण शामिल हुए थे, चाय-नाश्ते की व्यवस्था कराई गई थी, लेकिन काजू-बादाम और किशमिश नाश्ते में शामिल किए जाने की बात सामने आ रही है, इसकी जांच कराई जाएगी.
-भारत एक्सप्रेस
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