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“जनता का सुख-दुख मेरा सुख-दुख”, चकल्दी में विकास पर्व कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान

सीएम ने कहा कि पहले पैसों के अभाव में बहनों को बच्चों तथा घर की जरूरतों को पूरा करने में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था. अब मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से अब महिलाएं अपनी छोटी-छोटी जरूरतें पूरी कर पा रही हैं.

सीएम शिवराज सिंह चौहान

सीएम शिवराज सिंह चौहान

Rakesh Kumar Edited by Rakesh Kumar

MP: मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जनता का सुख-दुख मेरा सुख-दुख है. प्रदेश की जनता की खुशहाली के लिए मैं दिन-रात काम कर रहा हूं. विकास पर्व के तहत पूरे प्रदेश में विकास का महायज्ञ चलाया जा रहा है. अनेक निर्माण एवं विकास कार्यों का शिलान्यास तथा भूमि-पूजन किया जा रहा है. सड़क, बिजली, पेयजल, सिंचाई के लिए पानी तथा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है. सीएम चौहान चकल्दी में विकास पर्व कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. मुख्यमंत्री ने चकल्दी में 81 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया और चकल्दी में महाविद्यालय खोलने की घोषणा की.

सीएम चौहान ने कहा कि पहले सिंचाई की व्यवस्था नहीं होने के कारण उत्पादन कम होता था. खेती में किसानों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. अब अनेक सिंचाई परियोजनाओं से हर किसान के खेत तक पानी पहुंचाने का काम किया जा रहा है. आज चकल्दी में लोकार्पित पाटतलाई उद्वहन सिंचाई योजना से पाटतलाई, अमीरगंज एवं पलासपानी जैसे पहाड़ी गांवों के खेतों तक सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा और तीनों गांवों के 661 किसानों की 889 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि जमोनिया और चतरकोटा सिंचाई योजना का भी आज भूमि- पूजन किया गया है. धीरे-धीरे विभिन्न सिंचाईं योजनाओं से हर किसान के खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाया जाएगा. उन्होंने कहा कि पहले पीने के पानी के लिए भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था. अब नर्मदा का जल घरों तक पहुंचाया जा रहा है.

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसी समय इस पूरे इलाके में आने-जाने के रास्ते नहीं थे. कहीं भी आने-जाने में पूरा दिन लग जाता था. जनता के लिए यह अकल्पनीय था कि यहां अच्छी सड़कें बनेंगी. अब चारों तरफ शानदार सड़कों का जाल बिछाया गया है. कई सड़कों का भूमि-पूजन हुआ है. खेत सड़क भी बनाई जाएंगी. उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में प्रदेश में क्रांति हो रही है. किसान वर्ष में तीन फसल उपजा रहे हैं. राज्य में मूंग खरीदी का कार्य चल रहा है. किसान-कल्याण योजना में छोटे से छोटे किसान को वर्ष में 12 हजार रूपए की राशि प्राप्त हो रही है. पूर्व सरकार ने किसानों पर कर्जा चढ़ा दिया था, जिसे उतारने का कार्य किया गया. हमारी सरकार में कृषि का उत्पादन बढ़ा है और किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है. किसानों को 18 प्रतिशत ब्याज पर मिलने वाला फसल ऋण अब शून्य प्रतिशत ब्याज पर दिया जा रहा है.

बहनों के खातों में एक-एक हजार रुपए डाली जा रही है: सीएम शिवराज

सीएम ने कहा कि पहले पैसों के अभाव में बहनों को बच्चों तथा घर की जरूरतों को पूरा करने में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था. अब मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना से  महिलाएं अपनी छोटी-छोटी जरूरतें पूरी कर पा रही हैं. योजना में बहनों के खातों में एक-एक हजार रुपए की राशि डाली जा रही है. इस राशि को धीरे-धीरे बढ़ाकर 3000 रूपए तक किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पहले जब मैं विधायक था तो अपने साथियों के साथ मिलकर बेटियों की शादी करवाता था. आज मुख्यमंत्री कन्या विवाह और निकाह योजना के तहत प्रदेश की अनेक बेटियों की शादी धूमधाम से कराई जा रही है. बहन, बेटी एवं पत्नी के नाम मकान, दुकान या खेत खरीदने पर रजिस्ट्री में स्टाम्प शुल्क एक प्रतिशत लगता है, जबकि पुरूष के नाम पर खरीदने पर 3 प्रतिशत. पुलिस भर्ती में भी बेटियों को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना में बुजुर्गों को हवाई जहाज से तीर्थ-यात्रा कराई जा रही है.

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गरीब बहनों को पहले बेटा-बेटी को जन्म देने के बाद मजदूरी पर जाना होता था. सरकार संबल योजना में माता को बच्चे के जन्म के पूर्व 4000 रूपए एवं जन्म के पश्चात 12000 रूपए की राशि देती है, जिससे उसे अब तुरंत काम पर जाने की जरूरत नहीं है. वह अच्छे से अपने बेटा-बेटी का पालन पोषण कर सकती है. स्थानीय चुनावों में महिलाओं को आरक्षण मिलने से आज हमारी कई बहनें जनता की सेवा कर रही हैं. स्थानीय निकाय चुनावों में आधी सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है.

सीखो-कमाओ योजना से युवाओं को मिलेगा लाभ

सीएम चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना में विभिन्न क्षेत्रों में काम सीखने वाले युवाओं को प्रशिक्षण के साथ-साथ 8 से 10 हजार रुपए स्टायपेंड भी प्रदान किया जाएगा. योजना में काम सीखने के इच्छुक युवाओं और काम सिखाने वाली संस्थाओं का पंजीयन हो रहा है. साथ ही गरीबों, किसानों तथा मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कोई समस्या न आए, इसके लिए मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों तथा उच्च शिक्षण संस्थाओं में विद्यार्थियों का एडमिशन होने पर पूरी फीस प्रदेश सरकार द्वारा भरी जाएगी.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पढ़ाई के लिए अपने गांव से दूसरे गांव जाने वाले पांचवीं पास करके छठवीं में और आठवीं पास करके 9वीं में आए विद्यार्थियों के खाते में 4500 रूपए की राशि डाली जाएगी. बेटा-बेटी प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तरीके से तैयारी कर सकें, इसके लिए ‘मामा कोचिंग क्लासेस’ निरंतर संचालित की जा रही है. वृद्धावस्था पेंशन की राशि भी 600 रुपए के स्थान पर एक हजार रूपए करने का निर्णय लिया गया है.

सीएम ने कहा कि चकल्दी, आस-पास के अनेक ग्रामीण क्षेत्रों का केंद्र है. क्षेत्र के बेटे-बेटियों को कॉलेज के लिए दूर नहीं जाना पड़े, इसके लिए चकल्दी में महाविद्यालय खोलने की घोषणा की गई है. बताते चलें कि जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और सांसद रमाकांत भार्गव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया.

-भारत एक्सप्रेस



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