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महाकुंभ 2025

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ में कार्यरत स्वच्छताकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों को 10,000 रुपए अतिरिक्त बोनस, 16,000 रुपए निश्चित मानदेय और 5 लाख रुपए के स्वास्थ्य बीमा की सौगात दी. साथ ही, स्वच्छ कुंभ कोष से बीमा प्रमाण पत्र प्रदान कर उनका सम्मान किया.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज महाकुंभ की पूर्णाहुति के अवसर पर संगम तट पर स्वच्छता अभियान प्रारंभ किया. उन्होंने मंत्रिमंडल सहयोगियों संग गंगा सफाई की और श्रद्धालुओं को प्रेरित किया। साथ ही, साइबेरियन पक्षियों को दाना खिलाया और श्रद्धालुओं का अभिवादन किया.

महाकुंभ 2025 भव्यता के साथ संपन्न हुआ. 45 दिनों तक चले इस पावन महोत्सव में 66 करोड़ श्रद्धालुओं ने भाग लिया, महाशिवरात्रि पर हुआ भव्य समापन.

महाशिवरात्रि स्नान पर्व के अवसर पर करोड़ों श्रद्धालुओं ने संगम सहित विभिन्न घाटों पर आस्था की डुबकी लगाई. पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं ने प्रमुख शिव मंदिरों में दर्शन-पूजन किया.

गौतम अडानी ने महाकुंभ में 'तेरा तुझको अर्पण' की भावना से सेवा कार्य किया, जिसमें उनके समूह ने इस्कॉन के साथ मिलकर प्रतिदिन 1 लाख श्रद्धालुओं को भोजन और गीताप्रेस के साथ 1 करोड़ आरती संग्रह वितरित किए.

गाजियाबाद के धनंजय ने पीएम मोदी के फिट इंडिया मूवमेंट को बढ़ावा देने के लिए 600 किमी की साइकिल यात्रा कर प्रयागराज महाकुंभ पहुंचकर फिटनेस का संदेश दिया. उन्होंने लोगों से व्यस्त जीवनशैली में से थोड़ा समय निकालकर व्यायाम करने की अपील की.

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर त्रिवेणी संगम में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है. लंदन, ब्राजील, मैक्सिको और अमेरिका समेत दुनिया के कई अन्य देशों से आए श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में पवित्र स्नान किया.

महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान पर्व पर सुबह 8 बजे तक ही लाखों लोगों ने स्नान कर इस महारिकॉर्ड को स्थापित कर इस महाकुम्भ को संख्या के लिहाज से इतिहास के पन्नों में दर्ज करा दिया.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ में उपद्रव की साजिश पर सख्त रुख अपनाया, लेकिन ट्रेनों में श्रद्धालुओं पर हुए हमलों पर चर्चा न होने से जनता में भ्रम की स्थिति बनी हुई है.

महाकुंभ 2025 का समापन महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर अंतिम पूजन के साथ होगा. जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि ने इसे सनातन संस्कृति और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया.