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Prayagraj Mahakumbh 2025: जल, थल और नभ तीनों स्तर पर होगी श्रद्धालुओं की सेफ्टी, UP DGP ने लिया सुरक्षा-इंतजामों का जायजा

Prayagraj Mahakumbh 2025: महाकुम्भ की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के बाद डीजीपी प्रशांत कुमार ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. श्रद्धालुओं की सुरक्षा के इंतजाम और विशेष फंड्स जारी किए गए.

UP DGP in prayagraj mahakumbh 2025

महाकुम्भ 2025 का आयोजन, पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

महाकुम्भ 2025 में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार ने व्यापक तैयारी की है. जल, थल और नभ तीनों स्तरों पर सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं. इन्हीं सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेने के लिए शनिवार को उत्तर प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार प्रयागराज पहुंचे. उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया और उच्च अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की. इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रदेश पुलिस की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी स्तरों पर तैयारी पूरी कर ली गई है.

बड़े समागम को लेकर व्यापक तैयारी

मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के निर्देश पर सुरक्षा की पुख्ता तैयारी की गई है. मुख्य स्नान के दिन जल, थल और नभ तीनों स्तरों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने कहा कि महाकुम्भ हमारे लिए एक बहुत बड़ा अवसर है, जब इस पृथ्वी पर इतना बड़ा मानव समागम होने जा रहा है. लगभग 40 से 50 करोड़ लोग इस 45 दिन के दौरान यहां आएंगे. बड़ी संख्या में विदेशी श्रद्धालु भी यहां उपस्थित रहेंगे. उन्होंने कहा कि महाकुम्भ को लेकर पिछले कुछ महीनों से युद्ध स्तर पर तैयारी की जा रही है. इंफ्रास्ट्रक्चर, उपकरण और मानव संसाधन सभी कुछ अनुकूल हैं. हमारी तैयारी अच्छी है और इसे और बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं. इस बार आपदा प्रबंधन, फायर सेफ्टी तथा ट्रैफिक के लिए विशेष फंड्स जारी किए गए हैं.

अत्याधुनिक उपकरण मंगाए गए

उन्होंने कहा कि यहां किसी तरह की कठिनाई न हो, इसके लिए सभी प्रकार के अत्याधुनिक उपकरण यहां उपलब्ध हो चुके हैं. यहां इंटरसेप्टर तैनात किए गए हैं, टीथर्ड ड्रोन भी भारी संख्या में लगाए गए हैं, और एंटी-ड्रोन सिस्टम भी स्थापित किया गया है. हमारा जो वाटरफ्रंट है, उसे पिछले कुम्भ के मुकाबले और अधिक मजबूत किया गया है. उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में घाटों की संख्या और क्षमता इसीलिए बढ़ाई गई है ताकि जो श्रद्धालु जिस रूट से आ रहे हैं, वे उसी रूट से स्नान करें और वापस जाएं. रेलवे के साथ भी हमारा समन्वय बहुत अच्छा है. उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा को लेकर भी हम सजग हैं और साइबर सिस्टम को सुरक्षित करने के लिए विभिन्न दक्ष एजेंसियों द्वारा कदम उठाए गए हैं.

40% अधिक बल तैनात किए गए

डीजीपी ने आतंकवादी खतरों और अन्य थ्रेट्स को लेकर कहा कि एटीएस और हमारी पैरा कमांडो टीम यहां पहुंच चुकी है. हम विभागीय समन्वय और कंट्रोल रूम के माध्यम से सभी प्रकार के खतरों की गंभीरता से मॉनिटरिंग और कार्रवाई कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि महाकुम्भ की सात चक्रीय सुरक्षा सुनिश्चित की गई है और अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय बॉर्डर से लेकर कुम्भ क्षेत्र तक सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है. इसके अलावा, पिछले कुम्भ के मुकाबले 40% अधिक बल को यहां तैनात किया गया है.

सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण

इससे पूर्व डीजीपी उत्तर प्रदेश ने सिविल लाइन्स थाने का निरीक्षण किया. यहां से वह वीआईपी घाट पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस टीम का संयुक्त मॉक ड्रिल देखा. इसके बाद वह बोटिंग करते हुए संगम पहुंचे और वहां की व्यवस्था का निरीक्षण किया. साथ ही उन्होंने आचमन भी किया. इसके बाद उन्होंने एटीएस की मॉक ड्रिल देखी. फिर वह बड़े हनुमान जी का दर्शन करने गए और एसएसपी कुम्भ के कार्यालय का उद्घाटन और निरीक्षण किया. उन्होंने अक्षयवट थाने का भी निरीक्षण किया और सिपाहियों तथा दरोगाओं से संवाद किया. इसके बाद उन्हें टीथर्ड ड्रोन और गाड़ियों का डेमो दिखाया गया. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने ट्रैफिक व्यवस्था, रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप पर सुरक्षा प्रबंधों की जानकारी ली. इस अवसर पर उन्हें साइबर क्राइम पर आधारित एक फिल्म भी दिखाई गई.

  • भारत एक्सप्रेस


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