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SCO Summit: मोदी के विदेशी मेहमानों को खास तोहफे, महाभारत से कांगड़ा चाय और शतरंज स्कोरशीट तक, जानें पूरी लिस्ट

PM Modi SCO Summit Gifts: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SCO देशों के नेताओं और उनके परिवारों को भारत की संस्कृति, कला, संगीत और हस्तशिल्प से जुड़े खास उपहार भेंट किए. महाभारत के 10 खंडों से लेकर लद्दाखी कंबल, डोकरा कलाकृति, संतूर, कांगड़ा चाय और बनारसी सिल्क तक शामिल रहे.

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PM Modi SCO Summit Gifts: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SCO देशों के नेताओं को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और कलात्मक विरासत से जुड़े कई खास उपहार भेंट किए. इन तोहफों में भारतीय साहित्य, संगीत, हस्तशिल्प, वस्त्र, चाय और कला की झलक दिखाई दी. हर उपहार के पीछे भारत के किसी खास क्षेत्र, परंपरा या सांस्कृतिक विरासत की कहानी जुड़ी रही.

किर्गिस्तान के राष्ट्रपति को महाभारत के 10 खंड

प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान के राष्ट्रपति को लेखक विवेक देबरॉय द्वारा किए गए महाभारत के 10 खंडों वाले अंग्रेजी अनुवाद की प्रति भेंट की. इस अनुवाद में मूल कथा के साथ महाभारत के दार्शनिक विचार, वंशावली, संवाद और सहायक कहानियां भी शामिल हैं. महाभारत भारत की साहित्यिक और दार्शनिक विरासत का अहम हिस्सा है. इसकी तुलना किर्गिस्तान के प्रसिद्ध महाकाव्य ‘मानस’ से भी की जाती है, क्योंकि दोनों पीढ़ियों तक कहानियों और मूल्यों को संरक्षित करने की परंपरा दर्शाते हैं.

लद्दाखी ‘त्सुग-दुल’ कंबल

किर्गिस्तान के राष्ट्रपति को दूसरा खास उपहार लद्दाखी ‘त्सुग-दुल’ कंबल रहा. स्थानीय ऊन से तैयार यह पारंपरिक कंबल अपने चटख रंगों और ज्यामितीय व फूलों वाले डिजाइनों के लिए जाना जाता है. इसमें लद्दाख की पारंपरिक कारीगरी और खानाबदोश जीवनशैली की झलक मिलती है.

किर्गिस्तान के प्रधानमंत्री को मोदी ने ‘पारंपरिक संगीतकारों की जोड़ी’ थीम वाली डोकरा कलाकृति भेंट की. इसमें दो संगीतकारों को पारंपरिक वाद्ययंत्र बजाते हुए दिखाया गया है. डोकरा कला भारत की प्राचीन धातु-कास्टिंग परंपरा का हिस्सा है, जिसमें ‘लॉस्ट-वैक्स कास्टिंग’ तकनीक से हर कलाकृति हाथ से तैयार की जाती है.

उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति को चंदन की लकड़ी से बनी शत-तंत्री वीणा, जिसे आम तौर पर संतूर कहा जाता है, उपहार में दी गई. यह जम्मू-कश्मीर की संगीत परंपरा से जुड़ा वाद्ययंत्र है. इसका स्वरूप उज्बेकिस्तान के पारंपरिक वाद्ययंत्र ‘चंग’ से मिलता-जुलता है, जो दोनों देशों की साझा संगीत विरासत का संकेत देता है.

उज्बेक राष्ट्रपति को लकड़ी के नक्काशीदार बॉक्स में कांगड़ा फर्स्ट फ्लश ब्लैक टी और कांगड़ा ग्रीन टी भी भेंट की गई. हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी में चाय की खेती 19वीं सदी से होती आ रही है. कांगड़ा ब्लैक टी अपने हल्के स्वाद और फूलों जैसी खुशबू के लिए जानी जाती है.

राष्ट्रपति की बेटी को फाइन सिल्वर ब्रोच दिया गया. इसमें सजावटी टोकरी में फूलों का गुलदस्ता बनाया गया है. ब्रोच में जालीदार काम, फूल-पत्तियों की नक्काशी और आकर्षक पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है. यह भारतीय पारंपरिक धातु-कला और सजावटी शिल्प की खूबसूरत झलक पेश करता है.

उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति को शतरंज ग्रैंडमास्टर जावोखिर सिंदारोव की हाथ से लिखी ओरिजिनल स्कोरशीट भी भेंट की गई. यह 2025 में गोवा में हुए FIDE वर्ल्ड कप फाइनल से जुड़ी है, जिसमें सिंदारोव ने चीन के वेई यी को हराकर खिताब जीता था. लेदरेट कवर में सुरक्षित यह स्कोरशीट उस ऐतिहासिक मुकाबले की यादगार है.

उज्बेक राष्ट्रपति की पत्नी को बनारसी सिल्क स्टोल और मार्बल इनले बॉक्स दिया गया. गहरे नीले रंग के स्टोल पर पैस्ले डिजाइन और जरी का काम है. वहीं सफेद संगमरमर के बॉक्स पर रंगीन पत्थरों से फूलों की बारीक जड़ाई की गई है. यह वाराणसी की बुनकरी और आगरा की मार्बल इनले कला का संगम है.

उज्बेकिस्तान के प्रधानमंत्री को मार्बल इनले से बनी सजावटी प्लेट भेंट की गई. सफेद संगमरमर पर नीले, हरे और लाल रंग के पत्थरों से फूल-पत्तियों के डिजाइन बनाए गए हैं. यह आगरा की पारंपरिक पत्थर जड़ाई कला का प्रतिनिधित्व करती है.

इन सभी उपहारों के जरिए प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के अलग-अलग क्षेत्रों की साहित्यिक, सांस्कृतिक, संगीत और हस्तशिल्प परंपराओं को SCO देशों के नेताओं के साथ साझा किया. ये तोहफे भारत की विविधता और सदियों पुरानी कलात्मक विरासत की झलक पेश करते हैं.

 



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