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धर्म

केंद्र की मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर अयोध्या के संत समाज, महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि और पद्मश्री भारत भूषण जैसी दिग्गज हस्तियों ने प्रधानमंत्री के कार्यकाल की जमकर सराहना की है.

Lord Hanuman Birthplace Truth: महावीर हनुमान का जन्म कहां हुआ था? ये सवाल आपके मन में भी उठता होगा. आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के अलग-अलग दावों के बीच जानिए बजरंगबली के जन्म से जुड़ा पूरा शास्त्र सम्मत सच...

Premanand Maharaj health update: वृंदावन के प्रसिद्ध संत Premanand Maharaj की तबीयत खराब होने के चलते उनकी पदयात्रा और एकांतिक दर्शन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं. केली कुंज आश्रम ट्रस्ट के यूट्यूब वीडियो में महाराज ने भक्तों से भावुक अपील करते हुए कहा कि “मैं रहूं या ना रहूं, हमेशा साथ रहूंगा.”

Shami Plant Vastu tips: इस आर्टिकल में आपको शमी के पौधे से जुड़े कुछ वास्तु, धार्मिक टिप्स और इसके तमाम फायदे के बारे में बताएंगे, अगर आप इस पौधे को सही दिशा और सही तरीके लगाते हैं तो आप अपने घर में सकारात्मक बदलाव देखेंगे.

Office Bag Vastu Tips: शायद ही आपको पता हो कि ऑफिस का बैग भी आपके जीवन में परेशानियां पैदा कर सकता है, जिससे आपका पूरा दिन खराब हो जाएगा.

Gold Astrology: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सोना पहनना कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ होता है और अशुभ भी. ऐसे में जानना जरूरी है कि किन राशि के जातको को सोना पहनने से बचना चाहिए.

5 हजार साल पहले धरती पर हुए महाभारत युद्ध के बाद श्रीकृष्ण द्वारका लौट रहे थे, उस दिन उन्‍होंने धर्मराज युधिष्ठिर को सिखाया कि हर सफलता नई जिम्मेदारियों और चुनौतियों के साथ आती है. विनम्रता और सतर्कता ही सच्ची सफलता है.

Shri Ram's Character & Appearance: रामनवमी के अवसर पर श्रीराम के रंग-रूप, स्वभाव और शारीरिक आकार के बारे में जानिए वाल्मीकि रामायण से. उनका चरित्र कैसा था, उनमें दया, विनम्रता और साहस के प्रति क्या दृष्टिकोण था.

Nathdwara Hanuman Statue Inauguration: राजस्‍थान के नाथद्वारा में 131 फीट ऊंची स्वर्णिम हनुमान प्रतिमा का लोकार्पण हुआ. गिरिराज पर्वत पर स्थापित यह मूर्ति श्रीनाथजी और शिव प्रतिमा की ओर प्रणाम मुद्रा में है. जानिए इसकी विशेषताएं

Mahabharata Warriors Divine Shankh: द्वापर युग में हुए कुरुक्षेत्र के युद्ध में केवल श्रीकृष्ण का पांचजन्य ही नहीं गूंजा था, बल्कि भीष्म पितामह, अर्जुन और दुर्योधन के पास भी तेज आवाज वाले शंख थे. जानिए महाभारत के अनुसार किस योद्धा के शंख का क्या नाम था और उसकी उत्पत्ति कैसे हुई.