Radha Ashtami 2026: बरसाना में बरसे राधे की कृपा! जन्मोत्सव के लिए उमड़ रहे लाखों श्रद्धालु; ऐसी हैं व्यवस्था
Radha Ashtami 2026: ब्रजभूमि अपनी आराध्या, वृषभानु-दुलारी श्रीराधा के प्राकट्योत्सव के लिए पूरी तरह सज चुकी है. इस बार श्रीराधा का 5254वां प्राकट्योत्सव है. राधानगरी बरसाना में जनसैलाब उमड़ रहा है. जानिए कैसे कर सकते हैं दर्शन -
17 सितंबर को ही क्यों मनाई जाती है विश्वकर्मा पूजा? जानिए पौराणिक मान्यता और वजह
Vishwakarma Puja 17 September Reason: हर साल 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा की पूजा की जाती है, लेकिन इस तारीख के पीछे कोई एक सर्वमान्य पौराणिक प्रमाण नहीं मिलता. मान्यता है कि यह पर्व सूर्य के कन्या राशि में प्रवेश यानी कन्या संक्रांति से जुड़ा है, इसलिए इसकी तारीख लगभग स्थिर रहती है.
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी गई, अब राधाष्टमी मनाने को आतुर करोड़ों सनातनी, क्या आपने किए इनके प्राकट्य स्थल के दर्शन?
राधा अष्टमी 2026: इस बार श्रीराधा का 5254वां प्राकट्योत्सव मनेगा. BharatExpress.Com पर आज ही जान लीजिए श्रीराधा के प्राकट्य का रहस्य. 5254 बरस पहले यमुना किनारे रावल में कमल पुष्प पर प्रकट हुई थीं लाडली जी, पहली बार अपने नेत्र श्रीकृष्ण के आने पर खोले.
अष्टमी को देवकी की 8वीं संतान के रूप में प्राकट्य, 8 सखी, 8 ही पटरानियां…जानिए श्रीकृष्ण से ‘8’ अंक का क्या ताल्लुक रहा
भगवान श्रीकृष्ण से '8' के अंक का खास ताल्लुक रहा. पृथ्वी पर अष्टमी तिथि को मानव देह धारण करना, देवकी की 8वीं संतान बनना, बचपन में 8 सखियों संग खेलना, राजकुमार के रूप 8 पटरानियां होना और अष्टधा प्रकृति से संसार को संभालना - वे मनुष्यों में परमेश्वर के पूर्णअवतार माने गए.
जय कन्हैयालाल की: आज रात 11:57 से शुरू होगा पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त! जानें पूजन विधि, भोग सामग्री और सिद्ध मंत्र
SHRI KRISHNA JANMASHTAMI 2026: दुनिया भर में रह रहे 1.2 अरब से अधिक सनातन धर्मावलंबियों के आराध्य भगवान श्रीकृष्ण का आज 5253वाँ जन्मोत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. जानिए बाल गोपाल के जन्मोत्सव पर उनकी सही पूजन विधि, प्रिय भोग, निशीथ काल मुहूर्त और विशेष मंत्र.
5253वाँ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव: आज ही के दिन परमेश्वर ने पृथ्वी पर लिया था मानव अवतार, 125 वर्ष बिताए; जिस दिन प्रस्थान किया तभी से शुरू हो गया कलयुग
आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है. हिंदू पंचांग और वैदिक गणना के अनुसार, इस साल यह पावन त्योहार 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को मनाया जा रहा है. आइए समझिए, उनके अवतार का परम उद्देश्य: क्यों धरा पर पधारे स्वयं परमेश्वर?
’10×12′ का टेस्ट पास तभी मिलेगी एंट्री! बॉर्डर पर डीजे कांवड़ों की सख्त जांच; जानें क्या है नया नियम
Kanwar Yatra Rules: मुजफ्फरनगर में प्रवेश कर रही बड़ी डीजे कांवड़ों की पुरकाजी बॉर्डर पर जांच की जा रही है। प्रशासन ने तय आकार के नियम लागू किए हैं. 10 फीट ऊंचाई और 12 फीट चौड़ाई से अधिक डीजे कांवड़ों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही, उल्लंघन पर चालान की कार्रवाई हो रही है.
नई दिल्ली में दलाई लामा के 91वें जन्मदिन पर शांति और पहचान के संरक्षण की वैश्विक गूंज
तिब्बती आध्यात्मिक गुरु की विरासत का उत्सव मनाने और पार-राष्ट्रीय दमन का विरोध करने के लिए 'कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया' में जुटे दिग्गज और समर्थक संगठन। सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे सांस्कृतिक पहचान को मिटने से बचाने के लिए दलाई लामा के शांति और सहानुभूति के संदेश को एक जीवंत प्रेरणा के रूप में अपनाएंगे।
हिंदू धर्म में कौन-कौन से हैं 16 संस्कार? जानिए इंसान के खुशहाल जीवन से क्या है इनका कनेक्शन
Solah Sanskar In Hindu Dharma: इंसान के मां के गर्भ में आने से लेकर उसकी मृत्यु तक सनातन धर्म में 16 संस्कारों को बेहद जरूरी माना गया है. ऋषि-मुनियों द्वारा तैयार की गई यह सूची व्यक्ति को सुसंस्कृत और खुशहाल जीवन जीना सिखाती है.
गौवंश को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने का संकल्प: जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के नेतृत्व में 81 दिवसीय ‘गविष्टि’ यात्रा नोएडा पहुंची
उत्तर प्रदेश सरकार के समक्ष यह मांग रखी गई कि गोमाता को पशु की श्रेणी से बाहर निकालकर पूर्ण राजकीय सम्मान दिया जाए। 3 मई को गोरखपुर से प्रारंभ यह यात्रा प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं की परिक्रमा कर रही है। सरकार ने गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने का ठोस क़दम नहीं उठाया, तो अगले चरण का आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।







