Amit Shah BSF border security
Amit Shah BSF border security: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित जी-7 बॉर्डर आउट पोस्ट पर जवानों से संवाद और जी-7 एवं जी-13 बॉर्डर आउट पोस्ट का लोकार्पण किया. इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उप-मुख्यमंत्री हर्ष संघवी, केंद्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो (आईबी) के निदेशक, सीमा प्रबंधन सचिव और बीएसएफ के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बीएसएफ के जवान बहुत विषम जलवायु और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में रहते हैं, लेकिन यहां आकर जब उन्हें हंसते हुए चेहरों के साथ भारत की सीमाओं की सुरक्षा में डटे देखते हैं तो लगता है कि इनकी तुलना में हमारा काम बहुत सरल है. गृह मंत्री ने कहा कि जब बीएसएफ के जवान नहीं थकते हैं तो हमें थकने का बिल्कुल भी अधिकार नहीं है.
सीमा सुरक्षा पर अमित शाह का बड़ा बयान
अमित शाह ने कहा कि बीएसएफ ने स्थापना से लेकर अब तक बीते 60 साल में देश की दो सबसे कठिन सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाई है. उन्होंने कहा कि इन सीमाओं पर तैनात बीएसएफ जवानों को माइनस 45 डिग्री से लेकर 45 डिग्री से अधिक तापमान तक हर परिस्थिति का सामना करना पड़ता है. कहीं कच्छ का दुर्गम रेगिस्तान है, सरक्रीक और हरामी नाले की दलदली जमीन है तो कहीं राजस्थान के रेत के टीलों के बीच तैनात रह कर बीएसएफ जवानों को काम करना पड़ता है.
उन्होंने कहा कि कश्मीर की बर्फीली चोटियों और सुंदरबन के जंगलों के बीच गंगासागर के किनारे से लेकर मेघालय और असम के पहाड़ी और वन क्षेत्रों तक बीएसएफ ने बीते छह दशकों में फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस का दायित्व बहुत अच्छे तरीके से निभाया है. बल के 2000 जवानों ने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है. इसी कारण भारत सरकार और देश की 140 करोड़ जनता हमेशा बीएसएफ के प्रति आदर का भाव रखती है और चैन की नींद भी सोती है.
BSF के लिए बनेगा ‘चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड’
अमित शाह ने कहा कि बनासकांठा में एक केंद्र बनाया गया है, ताकि आम जनता को बीएसएफ जवानों की कठिन ड्यूटी का पता चल सके. उन्होंने कहा कि बीते एक महीने में लगभग 2.5 लाख से ज्यादा लोगों ने इस केंद्र में जाकर बीएसएफ की ड्यूटी के बारे में जाना-समझा है. उन्होंने कहा कि शुरू में फीडबैक फॉर्म के जरिए एक सर्वे करवा कर लोगों से बीएसएफ की ड्यूटी के बारे में उनके विचार पूछे गए थे. उस समय कई महिलाओं ने लिखा था कि अगर उनके बेटे-बेटियां बड़े होकर बीएसएफ में जाएं तो उन्हें गर्व होगा. देश के लिए इतना कठिन जीवन जीना बहुत बड़ी बात है. देश की जनता के लिए फीडबैक फॉर्म को ऑनलाइन कर दिया गया है.
उन्होंने कहा कि जब वे केंद्रीय गृह मंत्री बने तब बीएसएफ की समीक्षा में पाया कि हरामी नाला और सरक्रीक का क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से थोड़ा पीछे था. गृह मंत्री ने कहा कि हमने वॉच टावर, कनेक्टिंग रोड, पेयजल, मेडिकल सुविधाएं, रहने की व्यवस्था और नई फेंसिंग का काम शुरू कर हर दृष्टि से एक ‘लीक प्रूफ’ सुरक्षा ग्रिड बनाने की कार्य योजना बनाई थी. उन्होंने कहा कि अगले दो साल में हमारा यह क्षेत्र दुश्मन की बुरी नजर से हमेशा के लिए सुरक्षित हो जाएगा.
जवानों की सुरक्षा के लिए मोदी सरकार दिन- रात काम कर रही- अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बीएसएफ के जवान सरक्रीक और भुज में चट्टान की तरह खड़े हैं, जिसके कारण भुज की जनता पूरी तरह सुरक्षित है. उन्होंने कहा कि हम ऐसी सुविधा देंगे ताकि जवानों को कम से कम तकलीफ हो. इसके लिए मोदी सरकार दिन-रात काम कर रही है. उन्होंने कहा कि हमने बजट की चिंता नहीं की है और तकनीक के उपयोग में भी कोई कसर नहीं छोड़ी है, जिससे धीरे-धीरे इस क्षेत्र में मजबूत सुरक्षा ग्रिड सृजित बनाने में हमें सफलता मिली है. हमने यहां सफलतापूर्वक वॉच टावरों का निर्माण किया और पूरे बीओपी क्षेत्र को ग्राउंड लेवल से ऊपर उठाया.
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केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बीएसएफ की स्थापना के 60वें साल में हमने बीएसएफ की सीमा सुरक्षा की अवधारणा को पूरी तरह बदलने का निर्णय किया है. हम आने वाले दिनों में एक ‘चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड’ बनाएंगे और बॉर्डर की सुरक्षा की जगह ‘टेरिटोरियल सुरक्षा’ का नया कॉन्सेप्ट लॉन्च करेंगे. उन्होंने कहा कि इसमें जनता, सिविल प्रशासन, स्थानीय पुलिस और मिलिट्री के साथ ही बीएसएफ जवानों की भी प्रमुख जिम्मेदारी होगी.
सुरक्षा ग्रिड को मजबूत बनाने का काम
अमित शाह ने कहा कि हम स्मार्ट बॉर्डर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट के तहत सीमा पर सुरक्षा ग्रिड को मजबूत बनाने का काम कर रहे हैं. इसमें हजारों करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है, और उन्हें विश्वास है कि ड्रोन, रेडार, वॉच टावर, अत्याधुनिक तकनीक और जवानों की तैनाती से एक मजबूत सुरक्षा ग्रिड खड़ी होगी. इसके बाद कोई हमारी सरहद को भेदने की हिम्मत नहीं कर पाएगा.
उन्होंने कहा कि हम नए क्षेत्रों को भी बीएसएफ को देने पर विचार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमारी सुरक्षा ग्रिड में सबसे बड़ी कमी बंगाल में बॉर्डर पर अधूरी फेंसिंग थी. भौगोलिक परिस्थिति को तो नहीं बदला जा सकता, लेकिन जहां जमीन है और बॉर्डर फेंस बन सकती है, वहां भी हमें जमीन नहीं मिली थी। लेकिन पिछले दिनों बंगाल की जनता के आशीर्वाद से बंगाल में हमारी पार्टी की सरकार बनी और मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह के भीतर ही बॉर्डर पर फेंसिंग के लिए जमीन देने का फैसला सैद्धांतिक तौर पर कर दिया है और कुछ जमीन दे भी दी है.
पूरा देश बीएसएफ जवानों के जज्बे का करता है सम्मान
उन्होंने कहा कि फेंसिंग पूरी होते ही हम घुसपैठ रोकने में सफल होंगे. जंगल एवं नदी-नालों के रास्ते घुसपैठ रोकने के लिए वहां भी तकनीकी फेंसिंग का काम तेजी से किया जा रहा है. आने वाले दिनों में बीएसएफ के जवानों के पराक्रम, साहस और कर्तव्य निष्ठा के कारण पूरा बॉर्डर सुरक्षित होगा. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि पूरा देश बीएसएफ जवानों के जज्बे का सम्मान करता है, उन्हें सलाम करता है. उनके कारण आज गुजरात के इस क्षेत्र में शांति है.
भारत एक्सप्रेस
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