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रक्षा बंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5:57 से 9:48 बजे तक, जानें राहुकाल और शुभ समय

Raksha Bandhan Panchang: 28 अगस्त 2026 को रक्षा बंधन के दिन राखी बांधने का मुख्य शुभ मुहूर्त सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक रहेगा. पंचांग के अनुसार राहुकाल, अभिजित मुहूर्त, अमृत काल, सूर्योदय-सूर्यास्त और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति भी जानें.

Raksha Bandhan Panchang bharat express

Raksha Bandhan Panchang- bharat express

Raksha Bandhan Panchang: हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है. किसी भी शुभ कार्य, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ से पहले पंचांग देखना शुभ माना जाता है. पंचांग हिंदू काल-गणना की वह पद्धति है, जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित होती है.

रक्षा बंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

28 अगस्त 2026, शुक्रवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि सुबह 9:48 बजे तक रहेगी. इसके बाद प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी. इसी दिन रक्षा बंधन का पावन पर्व मनाया जाएगा. राखी बांधने का मुख्य शुभ मुहूर्त सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक रहेगा. वहीं, राहुकाल सुबह 10:54 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक रहेगा. इस दौरान राखी बांधने और नए शुभ कार्य शुरू करने से बचने की मान्यता है.

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय

28 अगस्त को सूर्योदय सुबह 6:11 बजे और सूर्यास्त शाम 6:44 बजे होगा. चंद्रोदय शाम 6:56 बजे तथा अगले दिन तड़के 6:57 बजे चंद्रास्त होगा. पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य मघा नक्षत्र में स्थित रहेगा. चंद्रमा शतभिषा नक्षत्र में रहेगा, जो अगले दिन तड़के लगभग 3:12 बजे तक रहेगा. इसके बाद पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र शुरू होगा.

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योग और शुभ मुहूर्त

शुक्रवार को सुबह 7:26 बजे तक अतिगंड योग रहेगा. इसके बाद सुकर्मा योग शुरू होगा. इस दिन हर्षण योग नहीं रहेगा. दिन का अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:03 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा. इसे दिन के प्रमुख शुभ समयों में माना जाता है. वहीं, अमृत काल रात 7:43 बजे से 9:23 बजे तक रहेगा.

राहुकाल और अन्य अशुभ काल

28 अगस्त को राहुकाल सुबह 10:54 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक रहेगा. इसके अलावा गुलिक काल सुबह 7:45 बजे से 9:19 बजे तक और यमगंड काल दोपहर 3:36 बजे से शाम 5:10 बजे तक रहेगा. पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन अवधियों में नए कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है.

सूर्य और चंद्रमा की राशि

इस दिन सूर्य सिंह राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा कुंभ राशि में रहेगा. पंचांग के अनुसार, शुक्रवार को पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा. ज्योतिष और वास्तु की मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पश्चिम दिशा की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है. यदि यात्रा करना आवश्यक हो, तो परंपरागत ज्योतिषीय उपायों के बाद प्रस्थान किया जा सकता है.

भारत एक्सप्रेस



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