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Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
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Aaj Ka Panchang 27 August 2025: गणेश चतुर्थी के शुभ मुहूर्त में पूजा करने से मिलते हैं अपार फल, जानें स्थापना मुहूर्त और शुभ मुहूर्त

सूर्योदय भारत में अधिकांश स्थानों पर प्रायः 6 बजे के आसपास और सूर्यास्त करीब 6:45–6:50 बजे के आसपास होगा राहुकाल आज मध्यान्ह में लगभग 12 बजे से 1:30 बजे तक माना गया है, अतः इस दौरान शुभ कार्य टालना उचित रहेगा.

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Aaj Ka Panchang 27 August 2025: सुबह की शुभ बेला में आज, 27 अगस्त 2025 (बुधवार), गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर दिन की शुरुआत श्रद्धा और उल्लास से करें. पंचांग के अनुसार आज भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि अपराह्न लगभग 3 बजकर 44 मिनट तक रहेगी, इसके बाद पंचमी आरंभ होगी नक्षत्र चित्रा सुबह से अगले दिन प्रातः तक बने रहने का योग है.

सूर्योदय भारत में अधिकांश स्थानों पर प्रायः 6 बजे के आसपास और सूर्यास्त करीब 6:45–6:50 बजे के आसपास होगा राहुकाल आज मध्यान्ह में लगभग 12 बजे से 1:30 बजे तक माना गया है, अतः इस दौरान शुभ कार्य टालना उचित रहेगा. विनायक व्रत, पूजन और गणेश अराधना के लिए आज का दिन विशेष फलदायी माना गया है.

सूर्य और चंद्रमा से जुड़ी जानकारी

सूर्य और चंद्रमा से जुड़ी स्थितियों में, सूर्य वर्तमान में सिंह राशि में संचार कर रहे हैं, जिससे आत्मविश्वास, नेतृत्व और तेजस्विता के गुण उभरते हैं.

चंद्रमा आज दिन में पहले कन्या राशि में रहकर सायंकाल तक तुला राशि में प्रवेश करते हैं, इसलिए दिन के प्रथम भाग में सूक्ष्मता और व्यवस्था-बोध तथा बाद के भाग में संतुलन और सामंजस्य की प्रवृत्ति प्रबल मानी जाएगी चंद्रबल दिन के अधिकांश हिस्से में मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु और मीन राशियों को अनुकूल माना गया है.

शुभ-अशुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्तों में ब्रह्म मुहूर्त प्रातः लगभग 4:35 से 5:23 तक साधना-पूजन के लिए हितकारी बताया गया है, जबकि आज अभिजीत मुहूर्त उपलब्ध नहीं माना गया इसके अलावा दिन में सामान्य शुभ कर्मों के लिए चंद्र-योग शुभ/शुक्ल दोपहर लगभग 12:34 तक और उसके बाद अगले दिन दोपहर तक क्रम बदलते हैं, अतः गणेश पूजन और संकल्प कार्य तिथि-नक्षत्र की अनुकूलता में आज दिवस भर किए जा सकते हैं दुर्मूहूर्त मध्यान्ह के आस-पास पड़ता है, इसलिए उस समय आरंभ टालें.

अशुभ कालखंडों में राहुकाल दिन के मध्य भाग में ही आता है और गुलिक-यमगंड भी पूर्वाह्न में पड़ते हैं, अतः इन अविधियों में नए कार्य प्रारंभ न करें वर्ज्य (वरज्य) समय दोपहर बाद लगभग 2:57 से 4:44 के बीच माना गया है, इसलिए इस खंड में भी विशेष आरंभ से बचें.

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दिशा शूल

दिशा शूल की दृष्टि से बुधवार को उत्तर दिशा की यात्रा अनुकूल नहीं मानी जाती यदि अत्यावश्यक हो तो घर से निकलते समय तिल या हरा धनिया ग्रहण कर शमन उपाय करने का विधान बताया गया है, और संध्या-सूर्यास्त के बाद या अल्प दूरी के आगमन-प्रयाण में प्रभाव कम माना जाता है इसीलिए उत्तरगामी लंबी यात्रा आज टालना श्रेयस्कर है.

सूर्यबल और चंद्रबल

सूर्यबल और चंद्रबल की समाहिति में, सिंह राशि में सूर्य का तेज आज संकल्प, प्रतिष्ठा और कार्यक्षेत्र में अग्रसर होने का बल देता है, जबकि कन्या से तुला में गतिशील चंद्रमा दिन ढलने तक व्यवहार में संतुलन और सहयोग का संकेत देते हैं.

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-भारत एक्सप्रेस 



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