पिछले पांच दिनों से अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से जारी है और हर दिन तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को 7,541 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था कश्मीर के लिए रवाना हुआ. 3 जुलाई से शुरू हुई यात्रा में अब तक 90 हजार से ज्यादा लोग शामिल हो चुके हैं.
यात्रियों का जत्था दो सुरक्षित काफिलों में घाटी के लिए हुआ रवाना
अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से 7,541 यात्रियों का जत्था दो सुरक्षित काफिलों में घाटी के लिए रवाना हुआ. पहला काफिला, जिसमें 148 वाहन थे और 3,321 यात्री थे, सुबह 2:55 बजे बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ. वहीं, दूसरा काफिला, जिसमें 161 वाहन और 4,220 यात्री थे, सुबह 4:03 बजे नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप के लिए रवाना हुआ.
अमरनाथ यात्रा के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के किए पुख्ता इंतजाम
श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के अधिकारियों ने बताया कि भगवती नगर यात्री निवास से घाटी पहुंचने वाले यात्रियों के अलावा, कई श्रद्धालु सीधे ट्रांजिट कैंपों और दो बेस कैंपों पर पहुंचकर तुरंत पंजीकरण करवाकर अमरनाथ यात्रा में शामिल हो रहे हैं. इस साल की अमरनाथ यात्रा के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं. यह यात्रा पहलगाम हमले के बाद हो रही है, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 नागरिकों की हत्या कर दी थी.
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पुलिस की ताकत बढ़ाने के लिए CAPF की 180 कंपनियां लाई गई
180 अतिरिक्त सीएपीएफ कंपनियों को सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस की मौजूदा ताकत बढ़ाने के लिए लाया गया है. जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से गुफा मंदिर तक के पूरे रास्ते और दोनों आधार शिविरों के रास्ते में सभी पारगमन शिविरों को सुरक्षा बलों ने सुरक्षित कर लिया है. सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस की मौजूदा ताकत को बढ़ाने के लिए सीएपीएफ की 180 अतिरिक्त कंपनियां लाई गई हैं. पूरे मार्ग को सुरक्षा बलों द्वारा सुरक्षित कर लिया गया है.
इस साल भी स्थानीय लोगों ने अमरनाथ यात्रा में दिया सहयोग
हर साल की तरह इस साल भी स्थानीय लोगों ने अमरनाथ यात्रा में पूरा सहयोग दिया है. पहलगाम आतंकी हमले से कश्मीरियों के आहत होने का संदेश देने के लिए, स्थानीय लोग पहले जत्थे के यात्रियों का स्वागत करने सबसे पहले पहुंचे. जैसे ही यात्री नौगाम सुरंग पार कर काजीगुंड से कश्मीर घाटी में पहुंचे, स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया.
बता दें कि अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई है और 38 दिनों के बाद 9 अगस्त को समाप्त होगी. श्री अमरनाथ जी यात्रा भक्तों के लिए सबसे पवित्र धार्मिक तीर्थयात्राओं में से एक है, क्योंकि किंवदंती है कि भगवान शिव ने इस गुफा के अंदर माता पार्वती को शाश्वत जीवन और अमरता के रहस्य बताए थे.
-भारत एक्सप्रेस
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