'हनुमान अंश' में नीम करोली बाबा की भूमिका निभाकर भावुक हुए शोभिनव सत्य
Hanuman Ansh: जब पवनपुत्र महावीर हनुमान की असीम कृपा इंसानों पर बरसती है, तो वे इतिहास रच देते हैं. इसका बड़ा प्रत्यक्ष प्रमाण भारतीय बॉक्स ऑफिस पर हाल ही में देखने को मिला है. 20वीं सदी के महान संत श्री नीम करोली बाबा के जीवन और आध्यात्मिक संदेशों पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने सिनेमाई दुनिया के तमाम स्थापित समीकरणों को ध्वस्त कर दिया है. महज 2 करोड़ रुपये के सीमित बजट में तैयार हुई इस आध्यात्मिक फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर नेट 100 करोड़ रुपये की कमाई का जादुई आंकड़ा पार कर एक कीर्तिमान रच दिया है. रिलीज के पहले दिन बहुत धीमी शुरुआत करने वाली इस फिल्म ने ‘माउथ पब्लिसिटी’ और भक्तों की अगाध श्रद्धा के दम पर सिनेमाघरों में अभूतपूर्व जनसैलाब ला दिया.
निर्माताओं का 5 महीने तक फलाहार और सात्विक साधना
‘हनुमान अंश’ की अभूतपूर्व सफलता केवल तकनीकी कुशलता या मार्केटिंग का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे निर्माताओं और कलाकारों का गहरा सात्विक समर्पण छिपा है. फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने वाले अभिनेता शोभिनव सत्य और निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने इस प्रोजेक्ट के लिए संन्यासियों जैसा जीवन व्यतीत किया. निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने इस प्रोजेक्ट के लिए न केवल अपनी पूरी फीस छोड़ दी, बल्कि फिल्म की शूटिंग और निर्माण के दौरान पूरे 5 महीने तक केवल फलाहार पर रहकर सात्विक नियमों का पालन किया. वहीं 21 वर्षीय जेन-जी (Gen-Z) प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर, रागिनी एस और नम्रता सिंह ने इसे एक कमर्शियल प्रोजेक्ट मानने के बजाय अपनी व्यक्तिगत आध्यात्मिक साधना का हिस्सा बनाया. सेट पर हर दिन की शुरुआत ‘राम’ नाम के संकीर्तन और हनुमान चालीसा के पाठ के साथ होती थी. इसी सात्विक ऊर्जा और पवित्र भाव का प्रभाव है कि फिल्म का हर दृश्य दर्शकों के हृदय को गहराई से छू रहा है.

असिस्टेंट डायरेक्टर से मुख्य अभिनेता बनने का चमत्कार
इस पूरी यात्रा में सबसे विस्मयकारी मोड़ अभिनेता शोभिनव सत्य का चयन रहा. शोभिनव मूल रूप से इस फिल्म में केवल एक असिस्टेंट डायरेक्टर (AD) के रूप में प्रोडक्शन टीम का हिस्सा बनने आए थे. उनका अभिनय में आने का कोई पूर्व विचार नहीं था. लेकिन कास्टिंग प्रक्रिया के दौरान जब निर्माताओं और निर्देशक ने उनके चेहरे की सौम्यता, सादगी और आंखों में छिपी गहरी भक्ति भावना को देखा, तो उन्हें आभास हुआ कि नीम करोली बाबा के युवा स्वरूप के लिए उनसे उपयुक्त चेहरा कोई दूसरा नहीं हो सकता. भगवान की ऐसी असीम कृपा हुई कि पर्दे के पीछे काम करने वाला एक युवा सीधे मुख्य भूमिका में आ गया. पर्दे पर जब उन्होंने महाराज जी के स्वरूप को जिया, तो दर्शकों को लगा मानो वे साक्षात नीम करोली बाबा के सान्निध्य में बैठे हों.
‘लोग पैर छूते हैं तो बहुत बुरा लगता है’ — शोभिनव सत्य
फिल्म की अपार सफलता के बाद जहां पूरा देश शोभिनव के अभिनय की सराहना कर रहा है, वहीं वे एक अजीब और असहज स्थिति का सामना कर रहे हैं. सिनेमाघरों और सार्वजनिक स्थलों पर श्रद्धालु उन्हें साक्षात ‘नीम करोली बाबा का अंश’ मानकर उनके पैर छूने लगते हैं और उन्हें पूजने लगते हैं.
हाल ही में एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने अत्यंत भावुक और संकोच भरे अंदाज में कहा:
“सच कहूं तो मुझे बहुत बुरा लगता है और असहजता होती है. मैं न तो उनका कोई अंश हूं, न ही मैं उनका दास कहलाने की पात्रता रखता हूं. मैं तो केवल उनका एक तुच्छ भक्त हूं. इसलिए जब लोग मुझे पूजने लगते हैं या पैर छूने आते हैं, तो अंदर से डर और संकोच होता है. लेकिन मैं समझता हूं कि यह उनका मेरे प्रति नहीं, बल्कि महाराज जी के प्रति अगाध प्रेम और उनकी अटूट भावनाएं हैं, इसलिए मैं उनकी भावनाओं का पूरा आदर और सम्मान करता हूं. मैं खुद को केवल एक कृपा पात्र मानता हूं कि प्रभु हनुमान जी और महाराज जी ने मुझे एक माध्यम चुना, जिसके जरिए आज लाखों लोगों के हृदय से भक्ति का यह पावन रस बाहर निकल रहा है.”
बॉक्स ऑफिस पर पांचवें हफ्ते भी तूफान: तोड़े रिकॉर्ड्स
ट्रेड एनालिस्ट्स के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ ने अपने रिलीज के 30वें दिन (पांचवें शनिवार) बॉक्स ऑफिस पर कुल नेट 100 करोड़ रुपये का मील का पत्थर पार किया. किसी भी भारतीय फिल्म के इतिहास में पांचवें शनिवार को 16 करोड़ रुपये की एकल-दिवसीय कमाई दर्ज करना अपने आप में एक रिकॉर्ड है. बड़े-बड़े बजट की मल्टी-स्टारर फिल्में जहां दूसरे हफ्ते तक सिनेमाघरों से उतर जाती हैं, वहीं यह फिल्म अपने पांचवें हफ्ते में और ज्यादा स्क्रीन काउंट्स के साथ हाउसफुल चल रही है. रविवार को भी फिल्म की एडवांस बुकिंग ऐतिहासिक स्तर पर रही है, जिससे यह साफ है कि इसका लाइफटाइम कलेक्शन बॉक्स ऑफिस विश्लेषकों की कल्पना से भी बहुत आगे जाने वाला है.

गणमान्य हस्तियों और ‘भारत एक्सप्रेस’ ने की सराहना
‘हनुमान अंश’ को लेकर दर्शकों और प्रबुद्ध वर्ग का जुड़ाव गहरा रहा है. हाल ही में नई दिल्ली के PVR प्रोमेनेड में नैत्राणा फाउंडेशन की फाउंडर ईशा सैनी के संयोजन में आयोजित स्पेशल स्क्रीनिंग में इतिहास रचते हुए थिएटर की सातों स्क्रीन्स बुक की गई थीं. ‘भारत एक्सप्रेस’ के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक उपेंद्र राय ने स्पेशल स्क्रीनिंग में फिल्म का अवलोकन किया था और इसके आध्यात्मिक प्रभाव, सात्विक प्रस्तुतीकरण और युवाओं को सनातन संस्कृति से जोड़ने के प्रयास की मुक्तकंठ से प्रशंसा की थी. ‘भारत एक्सप्रेस’ ने इस फिल्म की वृंदावन में समाधि स्थल पर पोस्टर अर्पण से लेकर केंद्रीय मंत्रियों नितिन गडकरी व मनोज तिवारी से निर्माताओं की मुलाकात तक, हर महत्वपूर्ण पड़ाव को प्रमुखता से दर्शकों तक पहुंचाया है.

⊆ नीम करोली बाबा ⊇
‘हनुमान अंश’ फिल्म जिन महापुरुष के जीवन पर आधारित है, वे 20वीं सदी के सबसे दिव्य और सिद्ध संतों में अग्रणी माने जाते हैं. उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के अकबरपुर गांव में जन्मे श्री लक्ष्मी नारायण शर्मा, जिन्हें दुनिया नीम करोली बाबा या ‘महाराज जी’ के नाम से जानती है, को कलयुग में हनुमान जी का साक्षात स्वरूप माना गया. महाराज जी ने कभी कोई बड़ा उपदेश नहीं दिया, न ही कोई नया संप्रदाय शुरू किया. उनका संपूर्ण जीवन ‘सबकी सेवा करो, सबसे प्रेम करो, ईश्वर का स्मरण करो और भूखे को भोजन कराओ’ (Love all, Serve all, Feed all) के सरल सिद्धांत पर केंद्रित रहा.
उत्तराखंड के नैनीताल स्थित उनका कैंची धाम आश्रम आज वैश्विक आस्था का केंद्र है. महाराज जी के चमत्कारों और आध्यात्मिक ऊर्जा ने देश ही नहीं, बल्कि विदेशों के बौद्धिक वर्ग को भी अपनी ओर आकर्षित किया. एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स, फेसबुक (मेटा) के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग, हॉलीवुड अभिनेत्री जूलिया रॉबर्ट्स से लेकर जाने-माने अमेरिकी लेखक व साधक बाबा राम दास (रिचर्ड अल्पर्ट) तक ने महाराज जी के चरणों में बैठकर अपने जीवन का सही मार्ग और शांति प्राप्त की थी. ‘हनुमान अंश’ की यह विराट सफलता इसी बात का प्रमाण है कि महाराज जी का सत्य, करुणा और सेवा का संदेश आज भी काल की सीमाओं से परे जन-जन के दिलों में धड़क रहा है.
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