होली का त्योहार करीब है, लेकिन इस बार तारीखों को लेकर थोड़ा कन्फ्यूजन बना हुआ है. सोशल मीडिया से लेकर मोहल्ले की चर्चाओं तक हर कोई अपनी थ्योरी दे रहा है. इस बार चंद्रग्रहण और भद्रा का साया है. अब सवाल है कि होलिका दहन कब होगा और रंगों की होली किस दिन खेली जाएगी?
क्यों नहीं खेल पाएंगे रंग?
सबसे पहले बात करते हैं रंगों वाली होली की. कैलेंडर के हिसाब से 3 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा है, लेकिन इसी दिन साल का पहला चंद्रग्रहण भी लगने जा रहा है. यह ग्रहण दोपहर 3:21 बजे शुरू होगा और शाम 6:47 बजे तक चलेगा. खास बात यह है कि यह भारत में साफ दिखाई देगा.
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, चंद्रग्रहण से 9 घंटे पहले ही सूतक लग जाता है. यानी 3 मार्च की सुबह करीब 6:21 बजे से ही सूतक शुरू हो जाएगा. सूतक काल में ना तो पूजा-पाठ होती है और ना ही रंग-गुलाल खेलना शुभ माना जाता है. इसीलिए, इस साल 3 मार्च को रंगों की होली नहीं मनाई जाएगी. शाम को ग्रहण खत्म होने के बाद लोग स्नान और शुद्धिकरण करेंगे, जिसके बाद अगले दिन यानी 4 मार्च को जमकर गुलाल उड़ेगा.
2 मार्च की रात है खास
अब सवाल है कि होलिका कब जलेगी? ज्योतिषियों के मुताबिक, होलिका दहन हमेशा फाल्गुन पूर्णिमा की रात को सूर्यास्त के बाद होता है, बशर्ते उस वक्त भद्रा ना हो. शास्त्रों में भद्रा के समय शुभ काम वर्जित माना गया हैं.
2 मार्च की शाम (प्रदोष काल) में भद्रा लगी रहेगी, इसलिए उस वक्त होलिका दहन नहीं हो पाएगा. ज्योतिषाचार्य डॉ. पुरुषोत्तम गौड़ और पंडित अमित शर्मा का मानना है कि भद्रा खत्म होने के बाद, यानी 2 मार्च की देर रात 1:25 बजे से 2:37 बजे के बीच होलिका दहन करना सबसे शुभ रहेगा. अगर आप रात को नहीं जाग सकते, तो 3 मार्च की सुबह सूर्योदय से पहले (5:19 से 6:55 बजे तक) भी दहन किया जा सकता है.
| खास अवसर / घटना | तारीख (Date) | शुभ समय / मुहूर्त |
|---|---|---|
| पूर्णिमा तिथि का आरंभ | 2 मार्च, 2026 | शाम 5:55 बजे से |
| होलिका दहन (शुभ मुहूर्त) | 2 मार्च, 2026 (देर रात) | रात 1:25 बजे से 2:37 बजे तक |
| पूर्णिमा तिथि का समापन | 3 मार्च, 2026 | शाम 5:07 बजे तक |
| चंद्रग्रहण (सूतक शुरू) | 3 मार्च, 2026 | सुबह 6:21 बजे से |
| चंद्रग्रहण का समय | 3 मार्च, 2026 | दोपहर 3:21 से शाम 6:47 बजे तक |
| धुलंडी (रंगों वाली होली) | 4 मार्च, 2026 | सूर्योदय के बाद (पूरा दिन) |
इस बार होली का जश्न थोड़ा लंबा खिंचने वाला है. 2 तारीख की रात बुराई पर अच्छाई की जीत (होलिका दहन) होगी, 3 तारीख को ग्रहण के कारण शांति और पूजा-पाठ का माहौल रहेगा, और 4 मार्च को रंगों की होली का उत्सव मनाया जाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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