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ज्येष्ठ मास की एकादशी और बुढ़वा मंगल 2026: शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Aaj Ka Rashifal 26 May 2026: ज्येष्ठ मास की एकादशी और बुढ़वा मंगल 26 मई 2026 को पड़ रहे हैं. इस दिन भगवान विष्णु और हनुमानजी की पूजा, व्रत, जप और दान का विशेष महत्व है. जानें आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त और पूजा विधि.

Aaj Ka Rashifal 26 May 2026: 26 मई 2026 का दिन हिंदू पंचांग के अनुसार बेहद खास है. आज ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है और साथ ही बुढ़वा मंगल का व्रत भी रखा जाएगा. मंगलवार के दिन पड़ने वाली यह एकादशी भगवान विष्णु और बजरंगबली की आराधना के लिए शुभ मानी जाती है.

नौतपा का पहला मंगलवार और धार्मिक मान्यता

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार नौतपा का पहला मंगलवार होने के कारण आज का दिन विशेष महत्व रखता है. मान्यता है कि इस दिन हनुमानजी की पूजा और सुंदरकांड का पाठ करने से जीवन के संकट दूर होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. कई स्थानों पर भंडारे और धार्मिक आयोजन भी किए जा रहे हैं.

पुरुषोत्तम मास की एकादशी का पुण्यफल

पुरुषोत्तम मास की एकादशी तिथि को व्रत, जप, ध्यान और दान के लिए उत्तम माना गया है. धार्मिक मान्यता है कि इस मास में किए गए पुण्य का लाख गुना फल प्राप्त होता है. आज अभिजीत मुहूर्त, विजय मुहूर्त और रवि योग का संयोग बन रहा है, जिससे पूजा-पाठ का महत्व और बढ़ जाता है.

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय

आज सूर्योदय सुबह 5 बजकर 25 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 11 मिनट पर. चंद्रोदय दोपहर 2 बजकर 55 मिनट पर होगा जबकि चंद्रास्त 27 मई की रात 2 बजकर 32 मिनट पर रहेगा. तिथि और नक्षत्र पूर्ण रात्रि तक बने रहेंगे.

आज का पंचांग विवरण

  • तिथि: एकादशी – पूर्ण रात्रि तक
  • नक्षत्र: हस्त – पूर्ण रात्रि तक
  • करण: वणिज शाम 5:42 तक, उसके बाद विष्टि
  • योग: सिद्धि 27 मई की सुबह 3:11 तक, फिर व्यतीपात
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष
  • दिन: मंगलवार
  • चंद्र राशि: कन्या
  • सूर्य राशि: वृषभ

शुभ मुहूर्त और योग

आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:03 से 4:44 तक रहेगा. अभिजीत मुहूर्त 11:51 से 12:46 तक और विजय मुहूर्त 2:36 से 3:31 तक रहेगा. गोधूलि मुहूर्त शाम 7:10 से 7:30 तक है. अमृत काल रात 11:29 से 1:13 तक और निशिता मुहूर्त 11:58 से 12:39 तक रहेगा. पूरे दिन रवि योग का संयोग बना रहेगा.

अशुभ मुहूर्त और दिशाशूल

राहुकाल दोपहर 3:45 से 5:28 तक रहेगा. यमगण्ड सुबह 8:52 से 10:35 तक और गुलिक काल 12:18 से 2:02 तक रहेगा. दुर्मुहूर्त सुबह 8:11 से 9:06 तक है. वर्ज्य का समय दोपहर 1:10 से 2:53 तक रहेगा. भद्रा शाम 5:42 से अगले दिन सुबह 5:25 तक रहेगी. आज का दिशाशूल उत्तर दिशा में है.

पूजा विधि और उपाय

पंडितों के अनुसार आज स्नान ध्यान करने के बाद लाल या नारंगी वस्त्र पहनकर हनुमानजी का ध्यान करना चाहिए. घर के पूजा स्थल पर रामजी और बजरंगबली की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें. मंदिर में जाकर सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और गुड़-चना अर्पित करें. पांच दीपक जलाकर हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ करना शुभ माना जाता है.

मंत्र जाप और दान का महत्व

तुलसी की माला से 108 बार “ॐ हं हनुमते नमः” मंत्र का जाप करने से विशेष फल मिलता है. आज जरूरतमंदों को दान देने और धार्मिक कार्यों में भाग लेने से पुण्य लाभ प्राप्त होगा.

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ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि ज्येष्ठ मास की एकादशी और बुढ़वा मंगल का संयोग भक्तों के लिए अत्यंत शुभ है. आज का दिन भगवान विष्णु और हनुमानजी की आराधना, व्रत, जप और दान के लिए सर्वोत्तम है.

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-भारत एक्सप्रेस



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