Kanwar Yatra Rules
Kanwar Yatra Rules: हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्तों का सैलाब अब मुजफ्फरनगर पहुंचने लगा है. इसके साथ ही बड़ी संख्या में डीजे कांवड़ों का भी जिले में प्रवेश शुरू हो गया है. कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है और इस बार सबसे ज्यादा फोकस डीजे कांवड़ों के निर्धारित आकार पर रखा गया है. यूपी-उत्तराखंड के पुरकाजी बॉर्डर पर पुलिस हर डीजे कांवड़ की ऊंचाई और चौड़ाई की बारीकी से जांच कर रही है.
10 फीट ऊंचाई और 12 फीट चौड़ाई का नियम
शासन की ओर से जारी गाइडलाइन के मुताबिक डीजे कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 10 फीट और चौड़ाई 12 फीट तय की गई है. पुलिस इसी मानक के आधार पर सभी वाहनों की जांच कर रही है. जो डीजे निर्धारित सीमा से बड़े पाए जा रहे हैं, उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही. हाल ही में नियमों का उल्लंघन करने पर एक डीजे कांवड़ पर 50 हजार रुपये का चालान भी किया गया, जिसके बाद प्रशासन की सख्ती और बढ़ गई है.
शिवभक्त बोले- नियमों का पालन किया, फिर भी हो रही परेशानी
डीजे संचालक नितिन सैनी और अन्य शिवभक्तों का कहना है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की गाइडलाइन के अनुसार ही अपने डीजे तैयार कराए हैं. उनका आरोप है कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में अलग-अलग नियम लागू होने की वजह से उन्हें बार-बार रोका जा रहा है. इससे कांवड़ यात्रा प्रभावित हो रही है और कई डीजे कांवड़ पुरकाजी बॉर्डर पर ही खड़ी हैं.
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प्रशासन बोला- सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
मुजफ्फरनगर के एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार हरिद्वार पुलिस और मुजफ्फरनगर पुलिस संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चला रही हैं. केवल उन्हीं डीजे कांवड़ों को आगे बढ़ने दिया जा रहा है, जो तय मानकों का पालन कर रही हैं. उन्होंने कहा कि यह पूरी कवायद कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और दुर्घटनामुक्त बनाने के उद्देश्य से की जा रही है.
प्रशासन का कहना है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. ऐसे में गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित कराने के लिए बॉर्डर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या हादसे की आशंका को रोका जा सके.
भारत एक्सप्रेस
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